सोहेल खान का तूफानी पंच, 3.30 सेकंड में नॉकआउट, 23वां गोल्ड हासिल कर रचा इतिहास
गोल्डन बॉय सोहेल खान ने भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स का अब तक का सबसे तेज नॉकआउट्स खेला. सागर से कपिल तिवारी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 22, 2026 at 2:04 PM IST
|Updated : May 22, 2026 at 2:33 PM IST
सागर: भारत के जाने माने कूडो प्लेयर जिन्हें गोल्डन बॉय भी कहा जाता है. एक बार फिर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर रिकार्ड कायम कर सागर और मध्य प्रदेश का नाम रोशन करने का काम किया है. कूडो खिलाडी सोहेल खान ने चौथी राष्ट्रीय कूडो चैंपियनशिप में पुरुष -250 PI वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है. टूर्नामेंट के दौरान सोहेल खान ने सिर्फ 3.30 सेकंड में मुकाबला समाप्त कर भारतीय कूडो इतिहास का सबसे तेज नॉकआउट दर्ज किया. इसके साथ ही कूडो प्रतियोगिताओं में लगातार 23वां स्वर्ण पदक हासिल कर भारतीय खेल जगत में सबसे अधिक लगातार गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं.
भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सबसे तेज नाकआउट
सोहेल खान ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया है कि, ''उनका ये नाकआउट इंडियन कॉम्बैट स्पोर्ट्स के इतिहास में सबसे तेज नॉकआउट्स में से एक माना जा रहा है. इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने रोमांचित करने वाली फिनिशिंग, शानदार ग्रैपलिंग और बेहतरीन रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया.'' उनके प्रदर्शन पर गौर करें, तो पहले राउंड में उन्हें बाय मिला. जबकि दूसरे राउंड में उनके प्रतिद्वंद्वी छत्तीसगढ़ के गुलशन मुकाबले से पहले हट गए. इस कारण से सोहेल सीधे अगले दौर में पहुंच गए.
इस टूर्नामेंट का यादगार लम्हा क्वार्टर फायनल मैच का था. जहां राजस्थान के राहुल व्यास को सोहेल खान ने केवल 3.30 सेंकड में धूल चटाकर नॉकआउट जीत दर्ज कर इतिहास बना दिया. इस एक पंच में उनकी गति, सटीकता और आक्रामक शुरुआत ने सबको चौंका दिया. सोहेल के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड से पहले पश्चिम बंगाल में आयोजित WMC India Ranking Series में अर्का बनर्जी ने 4 सेकंड का नॉकआउट अपने नाम दर्ज कराया था. जो अब तक के इंडियन कॉम्बैट स्पोर्ट्स के सबसे तेज नॉकआउट्स में गिना जाता था.

23 वां स्वर्ण पदक जीतकर खास क्लब में शामिल
इतना ही नहीं सोहेल खान ने इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक हासिल करके लगातार 23 वां स्वर्णपदक हासिल किया है. उन्होंने सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश के टैम लापांग के खिलाफ शानदार ग्रैपलिंग का प्रदर्शन करते हुए केवल एक मिनट के भीतर Darce Choke सबमिशन से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया. फाइनल मुकाबले में हरियाणा के दीपक कुमार के खिलाफ सोहेल ने नियंत्रित और तकनीक के साथ प्रदर्शन किया.
सटीक स्ट्राइकिंग, निरंतर दबाव, बेहतरीन मूवमेंट और अनुशासित रणनीति के दम पर उन्होंने मुकाबला 8-0 से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस जीत के साथ सोहेल खान ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार 23वां स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास के सबसे सफल और निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में अपनी जगह और मजबूत कर ली है.

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दोनों उपलब्धियां मेरे लिए खास
सोहेल खान का कहना है कि, ''हर टूर्नामेंट मेरे लिए नई चुनौती की तरह होता है. मैं इस चैंपियनशिप में एकाग्रता और अनुशासन के साथ उतरा था. सबसे तेज नॉकआउट का रिकॉर्ड बनाना मेरे लिए बेहद खास है. वहीं लगातार 23वां गोल्ड मेडल जीतना मेरे लिए गर्व की बात है. मैं अपने पेरेंट्स, कोच, टीममेट्स, समर्थकों और उन सभी लोगों का आभारी हूं जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं. ये सफलता मुझे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं.'' इस सफलता के पीछे सोहेल खान उनके मार्गदर्शक और कूडो इंडिया के हेड कोच मेहुल वोरा, उनके निजी कोच और कूडो मध्य प्रदेश के हेड कोच डॉ. मोहम्मद एजाज खान का योगदान अहम मानते हैं.''

