सरकारी गोदाम में स्कूल, हैंडपंप पर कब्जा, जेन अल्फा छात्राओं ने किया स्टेट हाईवे जाम
मध्य प्रदेश में जगह-जगह जारी है जेन अल्फा का प्रदर्शन, सागर के देवरी विकासखंड में सरकारी गोदाम में चल रहा स्कूल, हैंडपंप पर कब्जा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 11:49 AM IST
सागर: जंतर मंतर पर जेन जी के आंदोलन के बाद स्कूली छात्राओं में अपनी सुविधाओं और हक को लेकर जागरूकता बढ़ी है. अब स्टूडेंट्स अपने हक को लेकर मुखर हो रहे हैं और बदइंतजामी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. ऐसा ही कुछ जिले के देवरी विकासखंड के रसेना गांव में हुआ. जहां पिछले दो साल से सहकारिता गोदाम में चल रहे शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने स्कूल भवन, पेयजल, खेल मैदान और बाथरूम की सुविधा की मांग को लेकर स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. जो करीब ढाई घंटे की अधिकारियों की समझाइश और स्कूल के हैडपंप और जगह पर किए गए अतिक्रमण के बाद खोला गया.
क्या है मामला
दरअसल, देवरी के रसेना गांव के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं सोमवार को भड़क गईं और उन्होंने स्टेट हाइवे पर चक्काजाम कर दिया. छात्राओं का आरोप है कि सोमवार को जब वह स्कूल पहुंची, तो स्कूल में लगे हैंडपंप पर गांव की महिला ने तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया था. जिससे उन्हें पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ा और मजबूर होकर चक्काजाम करना पड़ा.
सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार दीवान चंद्रभान सिंह और थाना प्रभारी अजय भदौरिया ने छात्राओं की समस्या सुनी और पेयजल समस्या को संज्ञान में लेते हुए स्कूल परिसर में लगे हैंडपंप का बेजा कब्जा हटाने के लिए जेसीबी मशीन बुलाई और देर शाम तक पूरे परिसर का कब्जा हटा दिया.
गोदाम में संचालित हो रहा है स्कूल
रसेना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चार कक्षों की गोदाम में संचालित हो रही है, जिसमें 550 छात्राएं दो पालियों में पढ़ती हैं. इन छात्राओं को भीड़ बकरियों की तरह बैठाया जाता है, जहां छात्राओं को खुले में शौच जाना पड़ता है. रसेना का एकीकृत विद्यालय होने के कारण पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चे पढ़ने आते हैं.

प्रिसिंपल ने रिश्वत लेकर कराया कब्जा
स्कूल के हैंडपंप पर कब्जा करने वाली महिला धर्मवती वैरागी और लड़की को स्कूल में करीब एक घंटे तक कैद करके रखा गया. महिला धर्मवती और लड़की का कहना है कि स्कूल परिसर के पास जिस जगह पर तार फेंसिंग कर कब्जा किया है, वह प्राचार्य प्रभात लोधी से बात करके किया था. इसके एवज में उन्होंने 20 हजार रुपए मांगे थे और 8 हजार रुपए उन्होंने स्कूल में जाकर दिए थे. प्राचार्य ने कहा था कि उनका स्कूल भवन तो दूसरी जगह बनेगा, यह जगह खाली हो जाएगी और उस पर कब्जा कर लेना. उनका आरोप है कि 8000 अप्रैल में प्राचार्य को स्कूल में दिए थे, जिसकी जांच सीसीटीवी कैमरे से की जा सकती है."
प्रिसिंपल ने झूठे बताए आरोप
प्राचार्य प्रभात लोधी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि "महिला झूठा आरोप लगा रही है और उन्होंने एक रुपए भी महिला से नहीं लिया है. महिला ने तार फेंसिंग करके हैंडपंप कब्जे में कर लिया था. जब सुबह छात्राएं आईं, तो उन्हें पीने के पानी नसीब नहीं हुआ. तो छात्रों में आक्रोश पनपा और उन्होंने चक्काजाम किया. प्राचार्य ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि महिला से जान का खतरा है."

स्कूल के लिए साढे़ सात हेक्टेयर जमीन स्वीकृत
खास बात ये है कि इस स्कूल के लिए 7.58 हेक्टेयर जमीन स्वीकृत है और 6 कमरों के लिए 1 करोड़ 17 लाख रुपए भी स्वीकृत है, लेकिन स्कूल बिल्डिंग का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है. केवल प्रयोगशाला भवन का काम अप्रैल में शुरू हुआ, जो भी अधूरा पड़ा है. छात्राओं द्वारा चक्काजाम की घटना को लेकर पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने छात्राओं के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि "उनके कार्यकाल में विद्यालय के लिए जगह स्वीकृत कराई थी, लेकिन लालफीताशाही के कारण अभी तक भवन निर्माण नहीं हो सका है.
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उन्होंने कहा कि मिडिल स्कूल का भवन इतना जर्जर नहीं हुआ था, फिर भी वहां कक्षाएं लगाना बंद कर दी गईं. जबकि उनके पूर्वजों ने स्कूल के लिए वह जगह दान में दी थी. हर्ष यादव ने इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं."

