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सागर में 'राई' की धुन पर झूम उठे लोग, राष्ट्रीय नाट्य समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य की धूम

सागर यूनिवर्सिटी में लोकनृत्य राई और लोकनाट्य स्वांग पर 5 दिवसीय संवाद समारोह, तीसरे दिन राई नृत्य ने बांधा शमां.

SAGAR UNIVERSITY RAI FOLK DANCE
राष्ट्रीय नाट्य समारोह में राई नृत्य की प्रस्तुति (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 23, 2026 at 7:41 PM IST

2 Min Read
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सागर: डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी, उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (प्रयागराज), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय सांस्कृतिक परिषद् के संयुक्त आयोजन राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन सागर यूनिवर्सिटी में किया जा रहा है. इस 5 दिवसीय आयोजन का प्रस्ताव सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा दिया गया था.

राई नृत्य की दी गई प्रस्तुति

डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी की सांस्कृतिक परिषद के संयुक्त प्रयास से राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है. नाट्य समारोह के तीसरे दिन बुंदेली अंचल की सांस्कृतिक पहचान 'राई' और 'स्वांग' पर विशेष संवाद के साथ ही राई नृत्य की प्रस्तुति की गई.

NATIONAL DRAMA FESTIVAL SAGAR
राष्ट्रीय नाट्य समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य की धूम (ETV Bharat)

'कोई भी कला छोटी नहीं होती'

पद्मश्री स्व. राम सहाय पांडेय के पुत्र संतोष पांडेय ने इस दौरान कहा, "कोई भी कला छोटी नहीं होती है. हर कला समाज की धरोहर होती है." उन्होंने राई लोकनृत्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "समाज के वंचित वर्गों ने हमारी संस्कृति को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है." उन्होंने लोक संस्कृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर बल दिया.

बंदुली पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार (ETV Bharat)

राई लोकनृत्य और स्वांग के बारे विस्तार से बताया

संतोष पांडेय ने कहा, "लोकनृत्य 'राई' एक नृत्य नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सामाजिक चेतना और लोकजीवन की अभिव्यक्ति है. इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सदियों पुरानी है और यह ग्रामीण जीवन, उत्सवों तथा सामाजिक परंपराओं के साथ गहराई से जुड़ी हुई है." इस दौरान डॉ. राकेश सोनी ने राई लोकनृत्य और स्वांग के बारे विस्तार से बताया. डॉ. नीरज उपाध्याय ने बुन्देली लोक नाट्य और लोक नृत्य के इतिहास और समृद्ध परंपरा के बारे में जानकारी दी.

BUNDELI DRAMA SWANG
बुंदेली लोकनाट्य स्वांग (ETV Bharat)

राई ने बांधा समां

सागर के विख्यात राई कलाकार व पद्मश्री स्वर्गीय रामसहाय पाण्डेय के पुत्र संतोष पाण्डेय की टीम ने लोकनृत्य 'राई' और लोकनाट्य 'स्वांग' की शानदार प्रस्तुति दी. जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, लोकसंगीत और जीवंत अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. राई की प्रस्तुति ने मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया.