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एलोपैथी के साथ आयुर्वेद करेगा कैंसर का इलाज, बढ़ेगा इम्यून पावर, सस्ता और कारगर होगा ट्रीटमेंट

कैंसर में एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट पर रिसर्च, कम खर्च में किया जा सकता है आंतों के कैंसर का इलाज, सागर हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी में बर्दवान यूनिवर्सिटी के रिसर्चर डाॅ सुमित कुमार ने अपनी रिसर्च के बारे में बताया. कपिल तिवारी की रिपोर्ट.

AYURVEDIC TREATMENT FOR CANCER
एलोपैथी के साथ आर्युवेद करेगा कैंसर का इलाज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 25, 2026 at 11:02 AM IST

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Updated : August 25, 2026 at 11:22 AM IST

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सागर: कैंसर ऐसी बीमारी है कि अगर किसी को हो जाए तो इलाज में काफी खर्च होता है. बीमारी ठीक होने की भी गारंटी नहीं होती है. मानव शरीर में होने वाले अलग-अलग तरह के कैंसर के इलाज को कैसे सस्ता किया जाए और चिकित्सा की दूसरी परंपरागत और प्राचीन पद्धतियों का कैंसर के इलाज में कैसे उपयोग किया जाए. इस पर पश्चिम बंगाल की बर्दवान यूनिवर्सिटी के जूलॉजी डिपार्टमेंट के इम्यूनोलॉजी के रिसर्चर काम कर रहे हैं. पिछले 10-15 सालों से चल रहे इस शोध के काफी उत्साहवर्धक परिणाम सामने आए हैं.

जिससे सस्ते इलाज की संभावना जगी है और खासकर जो गरीब तबका कैंसर का महंगा एलोपैथी इलाज नहीं करा पाता है, वह आयुर्वेद और दूसरी चिकित्सा पद्धतियों की मदद से कैंसर से लड़ सकता है.

बर्दवान यूनिवर्सिटी के रिसर्चर की आंत कैंसर पर रिसर्च (ETV Bharat)

देश में 5 साल में बढ़े कैंसर के 1 लाख 80 हजार मरीज

जहां तक देश में कैंसर की बात करें तो पिछले 5 साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले 5 साल में भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है. देश में 2025 में कैंसर के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर लगभग 15.70 लाख पहुंच गया है, जबकि 2020 में यह संख्या करीब 13.90 लाख थी. कैंसर में एमपी का देश में सातवां स्थान है. 2025 में 88 हजार 297 मामले सामने आए. कैंसर के कारण मध्य प्रदेश में 2025 में 48 हजार 694 मौतें हुई है.

कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी (Immunotherapy)

पश्चिम बंगाल की बर्दवान यूनिवर्सिटी के जूलाॅजी विभाग में प्रतिरक्षा विज्ञान यानि इम्यूनोलॉजी के असि. प्रोफेसर डाॅ सुमित कुमार हीरा पिछले 15-20 साल से आंतों के कैंसर पर काम कर रहे हैं. सागर यूनिवर्सिटी पहुंचे डाॅ हीरा ने बताया कि "हम इम्यूनोथेरेपी के जरिए कैंसर के इलाज पर काम कर रहे हैं. इसमें मरीज को एंटीबाॅडी और इम्यून सेल देकर कैंसर का इलाज करते हैं. इम्यूनोथेरेपी कैंसर के इलाज की आधुनिक और प्रभावशाली विधि है, जो कैंसर के कारण मरीज की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर प्रतिरक्षा प्रणाली यानि इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए मजबूत करती है.

BURDWAN UNIVERSITY DR SUMIT KUMAR
असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ सुमित कुमार हीरा (ETV Bharat)

डाॅ हीरा बताते हैं कि कैंसर के मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) काफी कमजोर हो जाती है. हमनें रिसर्च में ये पाया है कि एलोपैथी में दी जाने वाली कीमोथेरेपी के साथ एंटीबाॅडी और इम्यून सेल देकर ज्यादा बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा जो हमारी पारम्परिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद या होम्योपैथी का उपयोग एलोपैथी के साथ कर सकते हैं. इसका फायदा ये होगा कि जिन ग्रामीण अंचल या छोटे शहरों में कैंसर के इलाज की व्यवस्था नहीं है. वहां हम इस तरीके से कम खर्च पर कैंसर का इलाज कर सकते हैं.

हीरक भस्म प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर

असि. प्रोफेसर डाॅ सुमित कुमार हीरा बताते हैं कि कैंसर के इलाज में आयुर्वेद में लंबे समय से भस्म के जरिए इलाज की पद्धति चली आ रही है. इसका उपयोग आयुर्वेद में सदियों से हो रहा है, लेकिन इसके पीछे विज्ञान क्या है. आयुर्वेद से कैसे ये इलाज होता है और कैसे ये काम करता है, इसकी जानकारी अब तक नहीं थी, तो हमनें रिसर्च में ये भी देखा कि क्या ये वाकई में वैज्ञानिक है या फिर ऐसे ही मान लिया गया है.

रिसर्च में सामने आया कि आयुर्वेद के ये तरीके काम करते हैं. आयुर्वेद में हीरक भस्म और मोती भस्म मरीज को देने पर ये उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और इस तरीके से कैंसर को ठीक किया जा सकता है. हमनें पाया है कि हम आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेद और होम्योपैथिक पद्धति से इलाज कर सकते हैं.

MADHYA PRADESH CANCER CASES
आंत कैंसर पर रिसर्च (ETV Bharat)

चूहों पर परीक्षण सफल

डाॅ हीरा बताते हैं कि कैंसर का इलाज काफी महंगा इसलिए है, क्योंकि इस पर जो रिसर्च होती है, वो काफी महंगी होती है. ऐसी स्थिति में ट्रीटमेंट और दवाएं महंगी हो जाती है. अभी जिन तरीकों पर हम काम कर रहे हैं, हमारा ध्यान इसी पर है कि कम खर्च वाला इलाज का तरीका तलाशा जाए. अगर इस तरह से इलाज किया जाए, तो कैंसर के इलाज का खर्चा कम हो जाएगा. इस काम के लिए हमने मेडिकल काॅलेज और आयुर्वेद काॅलेज के साथ काम शुरू किया है. हमारी रिसर्च में चूहों में कैंसर को पैदा करके फिर उसके इलाज का सफल प्रयोग कर चुके हैं."

क्या कहते है एलोपैथी डॉक्टर

डॉ जितेंद्र सर्राफ एमडी मेडिसिन कहते हैं कि "कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी का उपयोग इसीलिए किया जाता है, ताकि मरीज की प्रतिरोधक क्षमता कैंसर से लड़ने में कारगर तरीके से काम करे. कैंसर के इलाज में जो इम्यूनोथेरेपी का इलाज है, वो काफी महंगे होता है. आयुर्वेद में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के कई तरीके है, जो एलोपैथिक इलाज के साथ किए जा सकते हैं, लेकिन तकनीकी समस्या ये है कि एलोपैथी डॉक्टर को आयुर्वेद इलाज की अनुमति नहीं है और आयुर्वेद डॉक्टर को एलौपैथी इलाज की अनुमति नहीं है. इस रिसर्च के लिहाज से देखा जाए, तो कैंसर के इलाज को सस्ता और प्रभावी बना सकते हैं.

Last Updated : August 25, 2026 at 11:22 AM IST