सागर में पानी की टंकी में गंदगी देख कूदे अधिकारी, फावड़ा-तसला लेकर निकालने लगे कचरा
इंदौर हादसे का असर- सागर में पेयजल और पाइपलाइन की हो रही है जांच, कर्मचारियों को दिया स्वच्छ पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 10:57 PM IST
सागर: इंदौर की घटना के बाद प्रदेश के सभी नगरीय निकाय पेयजल व्यवस्था की समीक्षा और जांच में जुट गए हैं. इसी कड़ी में सागर नगर निगम क्षेत्र की पेयजल सप्लाई करने वाली टंकियां साफ की गईं. टंकियों की सफाई का काम देखने विधायक के साथ नगर निगम अध्यक्ष और आयुक्त भी पहुंचे. जहां रविदास वार्ड में पानी की टंकी की सफाई के दौरान आयुक्त और नगर निगम अध्यक्ष खुद टंकी में उतर गए और सफाई कर रहे कर्मचारियों का सहयोग करने लगे.
कर्मचारियों को दिया स्वच्छ पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी
इंदौर में दूषित पानी पीने से संक्रमण फैलने और लोगों की मौत होने के बाद अन्य जिलों में सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके. इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों ने जलप्रदाय शाखा के कर्मचारियों-अधिकारियों को जोर देकर कहा है कि शहरवासियों को साफ और स्वच्छ पानी मिले, इसकी जिम्मेदारी आपकी है. इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए.
खामी मिलने पर नगर निगम को सूचित करने की अपील
वहीं, 24x7 जलप्रदाय का काम कर रही एजेंसियों के जिम्मेदार अधिकारियों से साफ तौर पर कहा गया कि पानी की सप्लाई करने वाली टंकियों में किसी भी तरह की गंदगी न हो. लोगों को साफ पानी मिले, यह सुनिश्चित किया जाए. सीवर प्रोजेक्ट का काम कर रही एजेंसी को कहा गया कि कहीं भी लीकेज की स्थिति न बनने दें. इसके साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि इस तरह की शिकायत कहीं नजर आए, तो तत्काल नगर निगम को सूचित करें.

टंकी में उतरे निगम आयुक्त और अध्यक्ष
इंदौर की घटना के बाद प्रदेश की सभी नगर निगम एक्टिव हो गए हैं. इसी कड़ी में शनिवार को शहरवासियों को साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने शहर की सभी पानी टंकियों की विशेष सफाई कराई. नगर निगम की जलप्रदाय शाखा द्वारा राजघाट से भरी जाने वाली पानी टंकियों की सफाई कराई गई. सफाई का निरीक्षण विधायक शैलेंद्र जैन, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार और निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने किया. रविदास वार्ड में करीला की पानी की टंकी के निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष और आयुक्त ने खुद टंकी में उतरकर सफाई की.
पाइप लाइन की जांच के आदेश
विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा, "शहर के रहवासियों को स्वच्छ पानी मिले, इसलिए नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई करा रहा है. उन्होंने नगर निगम, टाटा और सीवर प्रोजेक्ट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पाईप लाईन में लीकेज न हो. अगर कभी भी लीकेज की शिकायत मिले तो तुरंत उसे ठीक करें.
"इस काम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. नगर निगम, टाटा, एमपी यूडीसी और सीवर प्रोजेक्ट के अधिकारी पाइप लाइन की जांच करें. जिससे कहीं भी दूषित पानी की सप्लाई न हो पाए."
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नगर निगम करा रहा पानी की जांच
निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने कहा "नगर निगम शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है. पानी की टंकियों में समय-समय पर सफाई कराना अनिवार्य है, ताकि गंदगी, कीचड़ आदि से पेयजल दूषित न हो. इसके साथ ही पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद ही पानी की सप्लाई की जाए. किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. टंकी की सफाई के साथ-साथ वाल्व चैंबर, फिल्टर यूनिट और पंप हाउस की भी जांच कराई गई है. इसके अलावा नगर निगम पानी की गुणवत्ता की नियमित सैंपलिंग भी कर रहा है."

