सराफा व्यवसाय पर दोहरी मार, पीएम की अपील और अधिमास से आधा रह गया कारोबार
सागर के सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा, प्रधानमंत्री की अपील के बाद एक हजार से ज्यादा व्यावसायी और 10 हजार से ज्यादा कारीगर संकट में.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 26, 2026 at 2:11 PM IST
सागर: सागर में सराफा कारोबार गहरे संकट से गुजर रहा है. व्यवासायियों का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी की सोना ना खरीदने की अपील और दूसरी तरफ अधिमास के कारण शादी ब्याह के मुहूर्त ना होने के कारण व्यावसाय आधा रह गया है. दूसरी तरफ कारीगरों पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
सराफा कारोबार में प्रदेश में अलग पहचान रखने वाले सागर जिले के एक हजार से ज्यादा व्यावसायी और 10 हजार से ज्यादा कारीगर गहरे संकट का सामना कर रहे हैं. व्यापारी ग्राहक का और कारीगर काम का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है. व्यापारी और कारीगर को समझ नहीं आ रहा है कि ये संकट कब तक खत्म होगा. व्यापारियों को सरकार से उम्मीद है कि कुछ ऐसा फॉर्मूला निकाले कि उनका व्यावसाय चलने लगे.
सागर के सराफा बाजार में पसरा सन्नाटा
सागर में बड़े पैमाने पर सोने चांदी के जेवरात बनाने का काम होता है और दूर-दूर तक सप्लाई होती है. खासकर गर्मियों के मौसम में शादी ब्याह के कारण सराफा की तंग गलियों में कदम रखने के लिए जगह नहीं होती है. ज्वेलरी की दुकानों पर भीड़ होती है और कारीगरों के पास बिल्कुल वक्त नहीं होता. लेकिन मौजूदा वक्त में सागर सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है. प्रधानमंत्री की अपील के कारण निवेश या शौक के लिए गहने खरीदने वाले लोग तो नजर ही नहीं आ रहे हैं. वहीं अधिवास के कारण शादी ब्याह के मुहूर्त ना होने से व्यावसाय 50% ठप हो गया है. व्यापारी खाली बैठकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं और कारीगर काम के इंतजार में हैं.

10 हजार कारीगरों पर रोजी-रोटी का संकट
सागर जिले की बात करें तो सागर में करीब 1000 से ज्यादा सर्राफ हैं, जो सोने-चांदी के जेवरात का व्यवसाय करते हैं. इन व्यापारियों के लिए करीब 10 हजार कारीगर जेवर बनाने का काम करते हैं. एक समय था जब गर्मी के सीजन में व्यापारी और कारीगर काफी व्यस्त रहते थे. लेकिन इस बार व्यापारी और कारीगर दोनों पर दोहरी मार पड़ रही है और उनका व्यवसाय पहले से आधा रह गया है.

कारीगरों ने कहा, इस सीजन में हम लोगों के पास काफी कम रहता था
सागर सराफा बाजार के कारीगर इन दिनों बेकार बैठे हैं. ना तो उनके पास काम है और ना काम आने की उम्मीद. सराफा बाजार में कारीगरी करने वाले आनंद कहते हैं "हम लोगों के पास कोई काम नहीं बचा है. इस सीजन में हम लोगों के पास काफी कम रहता था. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद काम पूरी तरह ठप पड़ गया है. मैं प्रधानमंत्री मोदी के लिए वोट देता हूं और सपोर्ट भी करता हूं. लेकिन उनके फैसले के कारण हमारा व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गया है."

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कारीगर दीपक कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशहित में अपील की होगी. लेकिन उन्हें हम जैसे छोटे कारीगरों का भी ध्यान रखना चाहिए और जनता से ये अपील करना चाहिए कि वे लोगों से कहें कि अपने पुराने सोने से तो गहने बनवा सकते हैं.
प्रधानमंत्री लोगों से लोग घर में रखे पुराने सोने से नए गहने बनवाने की करें अपील
सागर सराफा बाजार एसोसिएशन. के पूर्व अध्यक्ष विक्रम सोनी का कहना है "एक तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ाने के कारण व्यवसाय पर असर पहले से ही था. दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की अपील और अधिमास के कारण व्यवसाय आधा रह गया है. हम मानते हैं कि वैश्विक स्थिति काफी संकट वाली है. रुपए का लगातार अवमूल्यन हो रहा है. इसलिए प्रधानमंत्री ने ऐसी अपील की है.
लेकिन हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री लोगों से ऐसी अपील भी कर सकते हैं कि एक तो लोग घर में रखे पुराने सोने से नए गहने बनवाएं, तो कारीगरों का काम चलता रहेगा और लोगों को गोल्ड मोनेटाइजेशन के लिए प्रेरणा मिलेगी. जिससे लोग अपने घरों में रखा सोना बैंकों को दें और उसके बदले में पैसे लें और सरकार उस सोने का उपयोग करके स्थितियों में सुधार लाए.

