ब्लाइंड सुनील की चमकी किस्मत, भजन मंडली से मुंबई के स्टूडियो तक, 'हनुमान अंश' में गाया बुंदेली सॉन्ग
माता पिता के साथ 'हनुमान अंश' देखने पहुंचे नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी, फिल्म में गाया बुंदेली भजन, गांव में हुआ स्वागत. कपिल तिवारी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 3, 2026 at 12:27 PM IST
|Updated : September 3, 2026 at 1:07 PM IST
सागर: एक समय था जब सुनील के जन्म से ही नेत्रहीन होने के कारण उनके मां बाप उनके इलाज के लिए दर-दर भटकते थे और उनकी छोटी-छोटी परेशानियों को लेकर पूरा घर परेशान रहता था. लेकिन मानो ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था और छोटी सी उम्र में ही नेत्रहीन सुनील ने भजन गाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे वो गांव में लोकप्रिय हो गया और गांव की भजन मंडली के साथ गाने लगा. लेकिन एक यूट्यूबर से मुलाकात के बाद तो मानो उनकी जिंदगी बदल गयी और वो आज एक मशहूर बुंदेली भजन गायक बन गए हैं.
दरअसल, सुनील लोधी ने बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित 'हनुमान अंश' फिल्म में एक बुंदेली भजन गाया है. फिल्म के साथ-साथ ये भजन इस तरह मशहूर हुआ कि सुनील लोधी सोशल मीडिया पर छा गए. आज वो सागर में अपने माता पिता और रिश्तेदारों के साथ हनुमान अंश फिल्म देखने पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ. इस अवसर पर जहां उनकी मां भावुक नजर आयी, तो सुनील भी काफी उत्साहित नजर आए.
छोटे से किसान परिवार के सदस्य है सुनील लोधी
हनुमान अंश फिल्म में बुंदेली भजन गाकर सुर्खियों में आए सुनील लोधी सागर के सुरखी विधानसभा के अगरा गांव के रहने वाले हैं. उनके परिवार छोटा सा किसान परिवार है. उनके पिता के पास दो एकड़ खेती है. जिसमें परिवार का गुजर बसर चलता है. सुनील की मां भागबाई आज अपने बेटे के स्वागत को देखकर भावुक नजर आईं. ईटीवी भारत से बात करते हुए उन्होंने उस वक्त को साझा किया, जब सुनील के जन्म के बाद पता चला कि सुनील देख नहीं सकता है.
उन्होंने बताया कि, ''जब सुनील छोटा था, तो हम लोगों को यह पता चला कि उसकी आंखे ठीक हो सकती है, तो हम वहां गए. लेकिन भगवान को मंजूर नहीं था. काफी कोशिश के बाद उसकी आंखे ठीक नहीं हुई, लेकिन आज जब वो भजन गाकर सुर्खियों में है, तो उससे परिवार काफी खुश है.'' सुनील के पिता महेन्द्र लोधी कहते हैं कि, ''आज हर तरफ सुनील की चर्चा हो रही है, तो बहुत अच्छा लग रहा है. सुनील ने पांच साल की उम्र में गांव के मंदिर में भजन गाना शुरू कर दिया था. इस तरह वो भजन गाना सीख गया और भजन मंडली में जाने लगा. इसलिए भगवान ने उसको आशीर्वाद दिया और आगे बढ़ाया.''

एक यूट्यूबर से मुलाकात ने बदल दी जिंदगी
सुनील लोधी अपने गांव में भजन गाते गाते काफी मशहूर हो चुके थे. एक बार उनके पड़ोस में अपनी बहन से मिलने रोहित साहू पहुंचे और रोहित साहू से उनकी मुलाकात हुई. यही मुलाकात उनके जीवन में टर्निंग प्वाइंट बनी. दरअसल रोहित ने सुनील के कुछ भजन रिकार्ड किए और उन्हे अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर अपलोड कर दिए. सुनील का 'दूल्हा बनकर आ गव ठेला, है मोटर को ब्याव...' यूट्यूब पर काफी पसंद किया गया और उसे करीब 9 लाख लोगों ने देखा.

सोशल मीडियो पर अपलोड भजन, खूब पसंद किया
सुनील अपने गांव से निकलकर आसपास के इलाके में भी मशहूर हो गए. वीडियो सर्कुलेट होने के बाद उन्हें धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुलाया जाने लगा. इसी दौरान रोहित साहू ने उनका एक भजन 'मोरे संकट के कटैया हनुमान' सोशल मीडिया पर अपलोड किया और इस भजन की लोकप्रियता के बाद इंदौर के एक प्रोडक्शन हाउस ने उनके भजन रिकार्ड कर यूट्यूबर पर जारी किए, जो काफी मशहूर हुए.
फिर उन्हें मुंबई के एक स्टूडियो में भजन गाने के लिए बुलाया गया. जहां भजन रिकार्ड कराने के बाद वो रोहित के साथ वर्सोवा बीच पर घूमने गए और दोनों की कुछ फोटो और वीडियो रोहित ने इंस्टाग्राम पर अपलोड किए, तो हनुमान अंश के फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी का सोशल मीडिया पर मैसेज पहुंचा और उनके मुंबई में होने की जानकारी ली. कुछ ही देर बाद रोहित सुनील को लेकर उनके स्टूडियो पहुंचे, जहां तीन चार भजन उन्होंने सुनाए और ''मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई...'' को फिल्म में लेना का फैसला किया गया.
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पूर्व विधायक के सामने रखी परिवार सहित फिल्म देखने की इच्छा
हनुमान अंश फिल्म रिलीज होने के बाद काफी सुर्खियां बटोर रही है. सुनील का भजन भी जमकर शेयर हो रहा है और उनसे लोग मिलने पहुंच रहे हैं. सुनील की सफलता पर जब सुरखी की पूर्व विधायक पारूल साहू ने उनसे बात की तो सुनील ने पारूल साहू के सामने परिवार सहित फिल्म देखने की इच्छा रखी. पारूल साहू ने तत्काल सुनील और उनके परिवार के लिए फिल्म दिखाने का इंतजाम किया.
सुनील की सफलता पर पारूल साहू कहती है कि, ''ये हमारे सागर के लिए गौरव का विषय है कि सुनील लोधी इतनी ऊचाईयां हासिल कर रहे हैं. वो उभरते कलाकार हैं और मुझे खुशी है कि वो इस स्तर तक पहुंचे. हनुमान अंश मूवी का नाम है, लेकिन सही मायनों में उन पर है. मैं उनके पूरे परिवार को बधाई और शुभकामनाएं देना चाहूंगी. खासकर उनकी सपोर्ट करने वाले रोहित साहू और उनके साथियों ने बहुत साथ दिया. मैं उनको बहुत बधाई देती हूं, उन्होंने छोटी सी इच्छा जाहिर की थी कि वो परिवार के साथ फिल्म देखना चाहते हैं.''

भावुक नजर आए सुनील लोधी
इस खास अवसर पर सुनील लोधी काफी भावुक नजर आए. लोग उनका स्वागत कर रहे थे, उनको मालाएं पहनाकर गुलदस्ता भेंट कर रहे थे. इस खास अवसर पर उन्होंने कहा कि, ''मेरे सभी दर्शकों और चाहने वालों का दिल से स्वागत करता हूं. सबको मैं यही कहूं कि आपने मुझे बहुत प्यार दिया और आगे बढ़ाने का काम किया है. रोहित मामा, माता-पिता, बुआ और दादी और अंकित पांडे ने भी मुझे आगे ले जाने का प्लान बनाया. आज मेरा सौभाग्य है कि मैं परिवार सहित फिल्म देखने आया हूं. मैं पारूल दीदी का बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे और पूरे परिवार को फिल्म देखने का मौका दिया.''

