गंगरेल में लोगों को पानी से निकालने की LIVE प्रैक्टिस देखिए, बरगी डैम हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉकड्रिल
जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में 10 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा रही है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 3, 2026 at 1:30 PM IST
धमतरी: हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम में हुई नाव दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. इस घटना से सबक लेते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने जल सुरक्षा को लेकर सतर्कता और तैयारियों को और तेज कर दिया है. इसी कड़ी में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश में शनिवार को गंगरेल डैम में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने की पूरी तैयारी का अभ्यास किया गया.
क्रूज असंतुलित हुई, यात्री गिरने लगे
गंगरेल डैम, जो कि जिले का प्रमुख पर्यटन स्थल है, यहां बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. मॉकड्रिल के लिए एक दृश्य तैयार किया गया, जिसमें एक नाव/क्रूज के असंतुलित होकर पलटने और यात्रियों के पानी में गिरने की स्थिति को दर्शाया गया. घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम, पुलिस, होमगार्ड और अन्य एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और सुनियोजित ढंग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया.

निकालने से लेकर इलाज तक
रेस्क्यू टीम ने मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों की मदद से पानी में गिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके बाद मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक इलाज दिया और गंभीर स्थिति में अस्पताल रेफर करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया. पूरी ड्रिल के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तत्परता और समन्वय देखने लायक रहा.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो- कलेक्टर
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बरगी डैम जैसी घटनाएं लापरवाही का परिणाम होती हैं और ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है. उन्होंने निर्देश दिए कि हर यात्री को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाई जाए और किसी भी स्थिति में नावों में ओवरलोडिंग न हो. साथ ही नियमित अंतराल पर मॉकड्रिल आयोजित करने पर जोर दिया गया ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

बोटिंग पाइंट्स का भी निरीक्षण
मॉक ड्रिल से एक दिन पहले 1 मई को प्रशासन ने गंगरेल के दोनों प्रमुख बोटिंग प्वाइंट्स का गहन निरीक्षण भी किया था. इस दौरान लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय, इमरजेंसी किट और नावों की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच की गई और बोट संचालकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए.
इस पूरे अभ्यास में बोटिंग कंपनियों (सत्तू एवं असकंद) के प्रबंधक, राजस्व विभाग, पुलिस, होमगार्ड और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे. इस सफल आयोजन से यह साफ हो गया कि धमतरी जिला प्रशासन अब किसी भी तरह की जल दुर्घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

