मध्य प्रदेश में टॉर्चर वाली ठंड से बच्चों और बुजुर्गों को बड़ा खतरा, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके
ठंड से कांप रहा मध्य प्रदेश, शहडोल वासी बोले बर्फीली हवा से हाथ पैर पड़ रहे सुन्न, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 8:55 AM IST
शहडोल : मध्य प्रदेश में जमा देने वाली ठंड का टॉर्चर जारी है. पूरे प्रदेश में इस साल रिकॉर्डतोड़ ठंड पड़ रही है. कई जिलों में तापमान 2.5 डिग्री से भी नीचे चला गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. ऐसे में ठंड की चपेट में आने से बीमार होने का खतरा तो होता ही है, साथ ही ये जानलेवा भी हो सकती है. ऐसे में ठंड के इस टार्चर से बचने के लिए कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी है. इस आर्टिकल में जानें कि कैसे इस भीषण ठंड से आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भीषण ठंड का प्रकोप जारी है, कई शहरों में तापमान फ्रिज की तरह बना हुआ है, जिसमें शहडोल भी शामिल है. इसी के चलती हमारी टीम ने शहडोल के एक्सपर्ट डॉक्टर्स से जाना कि कैसे इस जमा देने वाली ठंड में अपनी सेहत का ध्यान रखा जाए और क्या टिप्स अपनाए जाएं.

खून जमा देने वाली ठंड से बचाव जरूरी
शहडोल सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा, '' शीतलहर से बचने के लिए लगातार प्रयास करते रहें, शीत ऋतु में फ्लू, खांसी, सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. साथ ही ह्रदय व बीपी रोगियों के लिए ऐसी ठंड खतरनाक होती है. ऐसे में शीत ऋतु में खुद को ज्यादा से ज्यादा गर्म रखने पर ध्यान देना चाहिए. इस दौरान पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, अंदर सूती और बाहर ऊनी कपड़ों से खुदको ढककर रखें, जिससे शरीर का तापमान बना रहे. सबसे जरूरी बात यह कि अपने सिर और पैर के पंजों को ढककर रखें. आवश्यकता ना हो तो घर से बाहर न निकलें.''

शहडोल सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने आगे कहा, '' ठंड की चपेट में आने से बचने के लिए गर्म कपड़ों के साथ इम्युनिटी का भी बेहतर होना जरूरी है. इसलिए पौष्टिक भोजन और विटामिन सी से भरपूर फल व सब्जियों का नियमित रूप से सेवन करें और शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म पेय पदार्थ लेते रहें.''
बच्चे-बुजुर्गों का रखें खास ख्याल
सीएमएचओ डॉक्टर राजेश मिश्रा कहते हैं, '' इस ठंड में बुजुर्गों, नवजात शिशु और बच्चों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि ऐसी ठंड इस उम्र वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है. घर पर रूम हीटर से तापमान नियंत्रित करते रहें, लेकिन इसके उपयोग के समय कमरे में हवा निकासी और वेंटिलेशन का उचित प्रबंधन रखें. अगर इस कड़ाके की ठंड के बीच में स्वास्थ्य खराब होता है तो तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर से संपर्क करें, झाड़ फूंक और अनावश्यक बहकावे में ना आएं. 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, लंबे समय से हृदय और स्वसन रोगी विशेष सतर्कता बरतें. निर्माण स्थल या खुली जगह पर कार्य करने वाले श्रमिक या सड़क पर रहने वाले लोग हैं वे खुद को ढककर रखें और आपको ऐसे लोग दिखाई दें तो उन्हें गर्म कपड़े दान करें.''

बीपी और हार्ट के मरीज दवा लेना न भूलें
एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब तापमान तेजी से नीचे गिरता है तो शरीर में खून भी गाढ़ा होने लगता है, ऐसी स्थिति में हाई कोलेस्ट्रॉल, ट्रायग्लिसराइड, बीपी और हार्ट के मरीजों को ज्यादा खतरा होता है. डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि इन सभी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को नियमित रूप से बताई गई हार्ट, कोलेस्ट्रॉल और बीपी की दवाएं बिना चूक लेते रहनी चाहिए. दरअसल, भीषण ठंड में खून की धमनियां भी सिकुड़ती हैं, ऐसे ब्लॉकेज होने और उच्च रक्तचाप से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है.

यह भी पढ़ें-
- गेहूं का दुश्मन जड़ माहू, एक झटके में हरी-भरी फसल कर देता है चौपट, ऐसे करें बचाव
- मध्य प्रदेश में टॉर्चर पर उतारू ठंड, दिन भी कंपकंपाहट, 12 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट
शहडोल में पड़ रही कड़ाके की ठंड
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भीषण ठंड का दौर जारी है, वहीं शहडोल में भी इन दिनों जमा देने वाली ठंड पड़ रही है. मिठौरी गांव के रहने वाले प्रकाश द्विवेदी बताते हैं, '' शहडोल जिले में इस बार तो ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं तापमान लगातार गिर रहा है पिछले दो-तीन दिन से तो सुबह कोहरा भी गिरता है. साथ में ठंडी हवाएं भी चलती हैं, जिससे हाथ पैर सुन्न पड़ जाते हैं. खुद को गर्म रखने के लिए लगातार आग ताप रहे हैं. बहुत बुरा हाल है.''

