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50 साल पुराने पुलों पर सरकार की बड़ी नजर, सुरक्षा ऑडिट शुरू, जर्जर पाए गए तो बनेंगे नए ब्रिज

हिमाचल सरकार नए पुलों के निर्माण और पुराने पुलों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग लेने की तैयारी में है.

Safety audit of old bridges in Himachal
हिमाचल में पुराने पुलों का सेफ्टी ऑडिट होगा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 24, 2026 at 7:16 AM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल में दशकों पुराने पुलों की मजबूती और सुरक्षा को लेकर सरकार अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. बढ़ते यातायात दबाव और समय के साथ कमजोर होती संरचनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 50 वर्ष या उससे अधिक पुराने सभी पुलों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए लोक निर्माण विभाग के चारों जोन के मुख्य अभियंताओं को निर्देश जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है.

पुराने पुलों पर सरकार की बड़ी नजर

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, जनता की आवाजाही के लिए उपयोग में आने वाले पुल पूरी तरह सुरक्षित हों और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या संरचनात्मक खतरे से बचा जा सके. रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कौन से पुल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण से सुरक्षित बनाए जा सकते हैं और किन पुलों को हटाकर उनकी जगह नए आधुनिक पुलों का निर्माण आवश्यक है.

Kinnaur Bridge Collapse
किन्नौर में ताश के पत्तों की तरह गिरा पुल, (ETV Bharat)

तकनीकी रिपोर्ट होगी तैयार

राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित 50 वर्ष या उससे अधिक पुराने पुलों की पहचान कर उनकी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे. इस रिपोर्ट में पुलों की वर्तमान उम्र, संरचनात्मक स्थिति, भार वहन क्षमता, मरम्मत की आवश्यकता और भविष्य में उनकी उपयोगिता का मूल्यांकन शामिल होगा.

सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में कई ऐसे पुल हैं जिनका निर्माण कई दशक पहले हुआ था. उस समय वाहनों की संख्या सीमित थी, लेकिन वर्तमान में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ चुका है. भारी वाहनों और लगातार बढ़ती आवाजाही के कारण इन पुलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं. इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने सभी पुराने पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने का फैसला लिया है.

केंद्र का भी लिया जाएगा सहयोग

रिपोर्ट में यदि कोई पुल तकनीकी रूप से कमजोर, अनुपयुक्त या जोखिमपूर्ण पाया जाता है तो उसके स्थान पर नए पुल के निर्माण की योजना तैयार की जाएगी. साथ ही जिन पुलों में मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता होगी, उनके लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि वे लंबे समय तक सुरक्षित रूप से उपयोग में बने रह सकें. सरकार नए पुलों के निर्माण और पुराने पुलों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग लेने की तैयारी में है. अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की सड़क संपर्क व्यवस्था अधिक सुरक्षित और मजबूत होगी, वहीं संभावित हादसों की आशंका भी काफी हद तक कम हो सकेगी.

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