भागवत कथा के लिए बीकानेर पहुंची साध्वी ऋतंभरा, बोलीं- सनातन धर्म अजर-अमर है
बीकानेर में साध्वी ऋतंभरा ने हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि सज्जनों की निष्क्रियता दुर्जनों से ज्यादा हानिकारक है.

Published : February 21, 2026 at 8:50 PM IST
बीकानेर: श्रीमद् भागवत कथा करने बीकानेर आई साध्वी ऋतंभरा शनिवार को कलश यात्रा में शामिल हुई. इस दौरान साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि दुर्जनों की दुर्जनता से उतना नुकसान नहीं होता जितना सज्जनों की निष्क्रियता से होता है. उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि संगठित होकर ही वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं.
रविवार से शुरू होने वाली श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होने आई साध्वी ऋतंभरा ने यह भी कहा कि सरकारें अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं, लेकिन समाज को भी जागरूक होना चाहिए. बीकानेर को लेकर उन्होंने खुले मन से तारीफ की और कहा कि बीकानेर अपनी हैरिटेज संस्कृति और धर्म नगरी के रूप में विशेष स्थान रखता है. राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान बीकानेर आने का मौका मिला था और तब से उनका बीकानेर से गहरा जुड़ाव है. पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश, संस्कृति और मंदिरों को नष्ट करने के कई प्रयास हुए, लेकिन सबको समझना चाहिए कि सनातन धर्म युगों-युगों तक चलने वाला है और इसे मिटाना असंभव है.
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22 फरवरी से 28 फरवरी तक कथा: साध्वी ऋतंभरा बीकानेर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में 22 फरवरी से 28 फरवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करेंगी. इस दौरान 51 कुंडीय विश्व शांति महायज्ञ होगा, जिसमें 9 क्विंटल घी और 15 क्विंटल सामग्री से आहुतियां दी जाएंगी. इससे पहले, श्रीमद् भागवत आयोजन के लिए कलश यात्रा निकाली गई. सनातन धर्म रक्षा समिति की ओर से आयोजित इस कथा के लिए कलश यात्रा लक्ष्मी नाथ मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई धनी नाथ मंदिर पहुंची. यात्रा में हजारों महिलाएं एक जैसी साड़ी पहने सिर पर कलश लिए चल रही थीं.


