शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में भजन कीर्तन, प्रयागराज प्रशासन से माफी मांगने की मांग
हरिद्वार के साधु-संतों ने साफ किया कि प्रयागराज प्रशासन के खिलाफ खून से पत्र लिखेंगे और प्रयागराज भी कूच करेंगे.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 19, 2026 at 1:33 PM IST
|Updated : January 19, 2026 at 1:53 PM IST
हरिद्वार: प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोकने और उनके शिष्यों के साथ कथित मारपीट के बाद विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में भी राम नाम कीर्तन कर इस घटना का विरोध जताया गया.
शंकराचार्य मठ में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के तमाम शिष्यों ने राम नाम जप किया और आरोप लगाया कि प्रयागराज प्रशासन ने बर्बरता की है, लिहाजा प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए. मांग पूरी न होने पर खून से पत्र लिखने और प्रयागराज कूच करने की चेतावनी भी दी है.
इस दौरान भगवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री का कहना है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शांतिपूर्ण ढंग से गंगा स्नान करने जा रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज के प्रशासन ने उन्हें जबरन स्नान करने से रोका. इतना ही नहीं उनके शिष्यों के ऊपर बर्बरतापूर्वक लात घूंसों से मारपीट की गई. प्रशासन ने 85 वर्ष के संत को भी नहीं छोड़ा, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
उन्होंने मांग की है कि प्रयागराज में धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से प्रशासन माफी मांगे और बर्बरता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे. यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती तो, देशभर में उनके समर्थक प्रयागराज कूच करेंगे.
पंडित विष्णुदास ने कहा कि एक संत के साथ जिस तरह से मारपीट की गई, वो सनातन धर्मियों की सरकार को शोभा नहीं देता. गंगा स्नान करने से रोकने का तरीका बिल्कुल गलत है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विरोध स्वरूप उन्होंने राम नाम का जप किया है और प्रार्थना की है कि भगवान राम ऐसे प्रशासन को सद्बुद्धि दे.
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन ने खुले तौर पर जो बर्बरता की है, वो कठोर निंदनीय है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों को घसीटा गया, जो बिल्कुल भी सहन नहीं किया जा सकता. सभी संगठनों को मिलकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए और पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए. मांग पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा.
पंडित अधीर कौशिक ने साफ किया है कि कल मंगलवार को प्रयागराज प्रशासन के विरोध में खून से पत्र लिखा जाएगा और राष्ट्रपति से बर्बरता करने वाले प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी. गौरतलब है कि एक दिन पूर्व प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को पुलिस ने संगम तट पर जाने से रोक दिया था, जिससे मेला क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था.
शंकराचार्य के काफिले को रोकने पर समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और देखते ही देखते धक्का मुक्की तक होने लगी. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौन उपवास पर बैठे हैं. इसके बाद देशभर में उनके समर्थक विरोध जता रहे हैं.
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