नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क : बाघिन चमेली के शावक की हुई मौत, वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर...
बाघिन चमेली के शावक की सोमवार को मौत हो गई है. रविवार को शावक के जन्म के बाद वन विभाग ने मॉनिटरिंग बढ़ा दी थी.

Published : May 4, 2026 at 9:40 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से बुरी खबर सामने आई है. सोमवार को बाघिन चमेली के शावक की मौत हो गई. रविवार को बाघिन चमेली ने शावक को जन्म दिया था. शावक की मौत होने से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है. पशु चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड की ओर से शावक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार किया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा.
उपवन संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से बाघिन चमेली के नवजात शावक की मौत की बुरी खबर सामने आई है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन चमेली ने 3 मई को एक शावक को जन्म दिया था. जन्म के बाद शावक की स्थिति नाजुक पाई गई. पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर शावक को तत्काल वन्यजीव चिकित्सालय की नियो नेटल केयर यूनिट में शिफ्ट करके गहन चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई.
पशु चिकित्सकों की ओर से अधिक प्रयास करने के बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका और उसकी अकाल मृत्यु हो गई. अभी मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. नियम अनुसार मेडिकल बोर्ड की ओर से शावक का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद शावक की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सकेगा. शावक की मौत होने से वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन को बहुत दुख हुआ है. बाघिन चमेली पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी में है और वह स्वस्थ है.
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बाघ गुलाब और बाघिन चमेली को 6 अगस्त 2024 को गोरेवाडा महाराष्ट्र से नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया था. गुलाब और चमेली की मैटिंग जनवरी के प्रथम पखवाड़े में हुई थी. रविवार 3 मई को बाघिन चमेली ने एक शावक को जन्म दिया. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में उपनिदेशक डॉ. अरविंद माथुर की ओर से निगरानी रखी जा रही थी. क्षेत्रीय वन अधिकारी शुभम शर्मा की ओर से तीन कर्मचारियों को राउंड द क्लॉक बाघिन चमेली और शावक की 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए ड्यूटी लगाई गई. वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से बाघिन और शावक की मॉनिटरिंग की गई. सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखी गई. हालांकि, लाख कोशिशों के बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका.
पिछले महीने बाघिन भक्ति ने दो शावकों को जन्म दिया था. शावक स्वस्थ बताए जा रहे हैं. वन विभाग की ओर से शावकों और बाघिन की मॉनिटरिंग की जा रही है. बाघिन ने शावकों को दूध नहीं पिलाया, जिसकी वजह से दोनों शावकों को मां से अलग करके तुरंत नाहरगढ़ जैविक उद्यान के पशु चिकित्सालय में संचालित नियो नेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है. पशु चिकित्सकों की टीम शावक की देखभाल कर रही है. नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के उपनिदेशक डॉ. अरविंद माथुर की ओर से शावकों को फीडिंग करवाई जा रही है. सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखी जा रही है.
इससे पहले बाघिन रानी ने 3 शावकों को जन्म दिया था. वन्यजीवों की सफल ब्रीडिंग के मामले में नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क का नाम उभरता जा रहा है. वुल्फ के सफल प्रजनन के मामले में भी नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क सबसे ऊपर है. पिछले दिनों भालू ने भी बच्चों को जन्म दिया था.

