आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल की राज्यस्तरीय कार्यशाला में बोलीं मंत्री- दिमाग ही नहीं दिल से भी अधिकारियों को काम करने की जरूरत
रांच में ग्रामीण विकास मंत्री आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल के राज्यस्तरीय कार्यशाला में शामिल हुईं.

Published : May 25, 2026 at 5:12 PM IST
रांचीः ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची के सर्ड सभागार में आयोजित आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल के राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित किया. यहां मंत्री राज्य सरकार के अधिकारियों को बेहद ही गंभीर सुझाव देती नजर आईं.
सोमवार को सर्ड सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों को सिर्फ दिमाग से ही नहीं बल्कि दिल से भी सोचने एवं काम करने की जरूरत है. नंगे पांव अपना काम कराने की उम्मीद लेकर सरकारी दफ्तर पहुंचने वाले लोगों की दर्द को समझना होगा. वो खाली हाथ ना लौटे ये अधिकारियों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि बदलते हुए दौर में नवाचार का साथ काम को आसान बना रहा है. मिशन कर्मयोगी भी इसी बदलाव का अहम हिस्सा है. राज्यस्तरीय इस कार्यशाला में राज्यभर के उप समाहर्ता सह बीडीओ मौजूद रहे.

इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अधिकारी कैसे लोगों के लिए सहजता से उपलब्ध हो इसे सुनिश्चित करना होगा क्योंकि प्रखंड और अंचल कार्यालय ही सरकार का चेहरा है. सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और उसे सफल बनाने में अधिकारियों की बड़ी भूमिका है. बात चाहे मंईयां सम्मान योजना की हो, अबुआ आवास या सर्वजन पेंशन योजना की हो अधिकारियों के बेहतर प्रयास से ही लाभुकों को योजना का लाभ मिल पा रहा है. उन्होंने मिशन कर्मयोगी को मौजूदा समय की मांग के साथ कार्य क्षमता के विकास में मददगार बताया.
'सरकार के विजन को धरातल पर उतारने के लिए नवाचार के उपयोग के साथ कदम मिलना जरूरी'
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि सरकार के विजन को धरातल पर क्रियान्वयन करने के लिए नवाचार के उपयोग के साथ कदम ताल करना जरूरी है. अधिकारी ऐसे प्रशिक्षण को पा कर अपने कार्यक्षेत्र में इसका बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं. सीखने की कोई उम्र सीमा नहीं होती है, इस लिए समय के साथ खुद को अपग्रेड करने से काम की रफ्तार बढ़ेगी.
आज झारखंड में परिस्थितियां तेजी से बदली है. अब लोग राशन एवं पेंशन के लिए दर-दर भटकने के लिए विवश नहीं है लेकिन सरकार की दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की इच्छा जरूर रखते है. योग्य लाभुकों को समय सीमा के अंदर योजना का लाभ दिलाना, अधिकारियों की जवाबदेही है.

मंत्री ने कार्यशाला में उपस्थित बीडीओ को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा बढ़ती गर्मी में पेयजल को लेकर जारी निर्देश को हर हाल में पालन करने को कहा. उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालय, पंचायत भवन के साथ-साथ प्रमुख चौक चौराहों पर भी आम जन के लिए पीने का पानी उपलब्ध होना चाहिए.
इस मौके पर कार्यशाला को संबोधित करते हुए सर्ड के निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि ये महज कार्यशाला या प्रशिक्षण नहीं है बल्कि समय की बचत और काम को आसान बनाने का बेहतर अवसर है. अधिकारी जितना ज्यादा लोगों से जुड़ेंगे-लोगों की समस्या को जानेंगे, उतना ज्यादा काम की रफ्तार बढ़ने के साथ काम का निपटारा होगा. उद्देश्य लोगों के जीवन को सरल बनाना और उनका सहयोग करना है. अधिकारी AI के जरिए मिलने वाली नई जानकारी का उपयोग अपने कार्य के दौरान जरूर करें.
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