कानपुर का जूही खलवा अंडरपास पर खर्च होंगे 43 करोड़; जलभराव से मिलेगी राहत
जल निगम की ओर से कवायद शुरू. कमिश्नर की विजिट के बाद शासन को भेजी जाएगी डीपीआर.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 9, 2026 at 9:49 AM IST
कानपुर: शहर में जब आप अफीम कोठी चौराहा से जूही होते हुए बारादेवी या दक्षिण के किसी अन्य मोहल्लों की ओर जाने के लिए निकलेंगे, तो अफीम कोठी चौराहा से कुछ दूर आगे बढ़ने पर ही जो पुल दिखता है, वही जूही खलवा अंडरपास है. सामान्य दिनों में तो राहगीर इस पुल के नीचे से गुजरने-निकलने की जहमत कर लेते हैं, मगर बारिश के दौरान कोई इसके आसपास भी नहीं फटकता.
इसकी एक बड़ी वजह है, यहां बारिश के समय जो नजारा दिखता है, वह बहुत डरावना होता है. अगर आपने निकलने की सोची, तो धीरे-धीरे जो पानी का स्तर है उसमें पहले पैरों से शुरुआत होती है और फिर देखते-देखते आम आदमी गर्दन तक डूब जाता है.
किस्मत ने साथ दिया तो दूसरी ओर निकल गए. धोखा हुआ तो काल के गाल में समाना तय है. हालांकि, हादसों वाले इस पुल पर अब लोग नहीं डूबेंगे. जल निगम ने पुल की मरम्मत के लिए 43 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर लिया है.
इसकी पूरी जानकारी शासन को दे दी गई. वहां से कार्यदायी संस्थान सीएंडडीएस को आदेश भी जारी हो गए हैं. कंसलटेंट विजिट भी पूरी हो गई. अब कानपुर मंडल के कमिश्नर की विजिट के बाद डीपीआर शासन को भेजी जाएगी. वहां से आदेश होते ही, पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.
मुख्य अभियंता जल निगम (ग्रामीण) सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि कई दिनों पहले ही पुल पर स्टॉर्म वाटर पंप हाउस (SWPH) समेत अन्य कवायद के लिए 43 करोड़ रुपए का प्रस्ताव जल निगम (नगरीय) को सौंप दिया था. उम्मीद है कि पुल का काम जल्द ही शुरू होगा.

मानसून की पहली बारिश में लगाई गई बैरीकेडिंग: शहर में कुछ दिनों पहले जब मानसून सीजन की पहली बारिश हुई थी, तब पुल से कुछ दूरी पहले ही बैरीकेडिंग लगा दी गई थी. साथ ही इस रोड से गुजरने वाले राहगीरों को बताया गया था, कि पुल की ओर से न जाएं. नगर निगम अफसरों का कहना था कि वैसे तो पिछले सालों तक पुल पर बारिश के दौरान 10 घंटों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती थी.
हालांकि, इस साल जब पहली बारिश हुई तो पानी दो से तीन घंटों में निकल गया था. वहीं, नई कवायद होने के बाद जल निगम के अफसरों ने दावा किया है कि पानी आधे घंटे के अंदर ही पूरी तरह से निकल जाएगा और राहगीर आराम से आ-जा सकेंगे.
सीएंडडीएस, कानपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर सर्वेश कुमार वर्मा ने बताया कि जूही खलवा अंडरपास को लेकर प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट (पीएफआर) बन चुकी है. कंसलटेंट ने आकर मौके की स्थिति भी देख ली है. प्रमुख सचिव के स्तर से इस मामले की मॉनीटरिंग भी हो रही है. अब कमिश्नर विजिट के बाद इसका काम शुरू करा देंगे.
जूही खलवा अंडरपास के नीचे हुए हादसे
- सितंबर 2019 में गहरे पानी में डूबने से बुजुर्ग पुरोहित की मौत हो गई.
- अगस्त 2020 में तेज बारिश के बाद जूही पुल के नीचे पानी भरा और उसमें डूबने से एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी.
- सितंबर 2022 में पानी में डूबने से एक अज्ञात युवक की मौत हो गई थी.
- जून 2023 में मानसून की पहली बारिश में 28 साल के युवक की मौत हो गई थी.
- अगस्त 2024 में जूही के रहने वाले एक 35 साल के युवक की डूबकर मौत हो गई थी.
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