पापा का ट्रांसफर.. बच्चे-मम्मी धरने पर बैठे, 78 रनिंग स्टाफ कर्मचारियों के तबादले का विरोध
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेलवे रनिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन धरना जारी है. सामूहिक ट्रांसफर के विरोध में उनकी पत्नी और बच्चे भी धरने पर बैठे.

Published : January 5, 2026 at 7:48 PM IST
मुजफ्फरपुर: समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा किए गए सामूहिक तबादलों के विरोध में मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेलवे रनिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. कड़ाके की ठंड के बावजूद कर्मचारियों का हौसला कम नहीं हुआ. आंदोलन को और मजबूती तब मिली, जब रनिंग स्टाफ के परिजन पत्नी और बच्चे भी धरनास्थल पर उतर आए.
रनिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन धरना: यह आंदोलन 78 रनिंग स्टाफ (लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गाड़ी प्रबंधक) को बिना सहमति और बिना विकल्प दिए बरौनी एवं मानसी स्थानांतरित किए जाने के विरोध में किया जा रहा है. ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले चल रहे इस धरने में AILRSA, AIGC, ECREU, ECRKU और मजदूर कांग्रेस सहित विभिन्न रेल यूनियनों ने एकजुटता दिखाई है.
भेदभाव और विकल्प न देने का आरोप: आंदोलनकारियों का आरोप है कि मंडल परिसीमन के बाद अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार स्टेशन चुनने का विकल्प दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ के साथ भेदभाव किया गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना और विकल्प मांगे, एकतरफा प्रशासनिक आदेश जारी कर 78 कर्मियों का तबादला कर दिया गया, जो समानता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है.
मैदान में उतरे परिजन और बच्चे: रविवार को आंदोलन के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रनिंग स्टाफ की पत्नियां और बच्चे धरना स्थल पर पहुंचे. परिजनों ने हाथों में हमें न्याय चाहिए और अन्यायपूर्ण तबादला वापस लो जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर रेल प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. परिजनों का कहना है कि अचानक हुए तबादलों से बच्चों की पढ़ाई, परिवार की सामाजिक और घरेलू व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा.

रेल सुरक्षा पर खतरे की चेतावनी: यूनियन नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि रनिंग स्टाफ रेल परिचालन की रीढ़ है. यदि लोको पायलट और गाड़ी प्रबंधक मानसिक तनाव और असंतोष में काम करेंगे, तो इसका सीधा असर रेल संरक्षा और सुरक्षा पर पड़ेगा. कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक संयुक्त प्रक्रिया आदेश (JPO) जारी कर विकल्प के आधार पर तैनाती नहीं की जाती और तबादला आदेश रद्द नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

आंदोलन जारी रखने का ऐलान: रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला यह अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक रेल प्रशासन उनकी मांगे नहीं मान लेता. ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी समस्तीपुर रेल मंडल प्रशासन की होगी. मुजफ्फरपुर जंक्शन पर चल रहे इस विरोध प्रदर्शन से रेल महकमे में हलचल तेज है. हालांकि फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है.
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