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सत्र से ज्यादा निकाय चुनाव में व्यस्त हैं बीजेपी के विधायक, जयराम महतो के साथ सत्ताधारी विधायकों ने उठाए सवाल

झारखंड विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही से गायब बीजेपी विधायकों को लेकर मंत्री समेत अन्य पार्टी के विधायकों ने प्रतिक्रिया दी.

BUDGET SESSION IN JHARKHAND
झारखंड विधानसभा के सदस्य (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 21, 2026 at 4:08 PM IST

4 Min Read
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रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का दौरान मुख्य विपक्षी दल भाजपा के आधे से ज्यादा विधायक की अनुपस्थित हैं. इसे लेकर सत्ताधारी दल के अलावा जेएलकेएम विधायक जयराम महतो भी आवाज उठा रहे हैं. सीएम हेमंत सोरेन के साथ साथ मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, विधायक जयराम महतो भी विपक्षी विधायकों की बजट सत्र को लेकर उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं.

21 फरवरी को बजट सत्र के दौरान भाजपा के कुल 21 विधायकों में से आधे से ज्यादा यानी 13 विधायक सदन से अनुपस्थित रहे. इस पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने कहा कि बजट सत्र के दौरान ही राज्य में अगले एक वर्ष तक विकास की खाका तैयार की जाती है. ऐसे में अगर माननीय विधायक ही सदन की कार्यवाही को लेकर गंभीर नहीं होंगे, तो यह ठीक नहीं है.

विपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर प्रतिक्रिया देते सीएम, मंत्री और विधायक (ईटीवी भारत)

बजट सत्र की जगह निकाय चुनाव में व्यस्त हैं बीजेपी के विधायक- सीएम

भाजपा विधायकों के द्वारा बजट सत्र के दौरान उपस्थिति को लेकर गंभीर नहीं दिखने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दलीय आधार पर चुनाव नहीं होने के बावजूद ये लोग उसी में व्यस्त हैं. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इनकी शैडो टीम भी निकाय चुनाव में लगी है. उन्होंने कहा कि देखते हैं, ये शहरी निकाय चुनाव में क्या कर पाते हैं. वहीं पूर्व मंत्री और जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि शहरी निकाय चुनाव की वजह से विधायक की उपस्थिति कम हो रहा है. हम भी शाम में जमशेदपुर चले जाते हैं और सुबह लौट आते हैं.

समीकरण से चुनाव तो जीत जाएंगे, लेकिन समस्याएं कैसे दूर होगी: जयराम महतो

विधायक जयराम महतो ने कहा कि बड़े दलों से जुड़े हुए विधायक जो बजट सत्र को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, वह भले ही अपने दल के चुनावी समीकरण से अगला चुनाव जीत जाएं. लेकिन उनके क्षेत्र की जनता की समस्याएं कैसे दूर होगी. उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि जब जनता की समस्याओं को दूर करने का मौका हर दिन सत्र के दौरान मिल रहा है, तो इसका सदुपयोग करना चाहिए.

वहीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा विधायकों की सदन की कार्यवाही के प्रति उदासीनता को लेकर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों को जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है. मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता सदन में सिर्फ हंगामा के लिए आते हैं.

झारखंड में सबसे कमजोर विपक्ष: दीपिका पांडेय सिंह

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बजट सत्र के दौरान भाजपा विधायकों की उदासीन रवैया ठीक नहीं है. सत्तापक्ष चाहता है कि विपक्ष के लोग जनता के मुद्दों को सदन में उठाएं, ताकि सरकार उन समस्याओं को दूर कर सकें. उन्होंने कहा कि दरअसल राज्य में भाजपा और विपक्ष बहुत कमजोर है. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि भाजपा के लोग भी इस बात को मानने लगे हैं कि राज्य में चल रही महागठबंधन की सरकार ने जनकल्याणकारी इतने काम किये हैं कि वह मुद्दाविहीन हो चुके हैं.

सरकार ने निकाय चुनाव और बजट सत्र की तिथि एक साथ घोषित की: भाजपा विधायक

बजट सत्र के दौरान शनिवार को सत्येंद्र नाथ तिवारी, आलोक चौरसिया, कुशवाहा शशिभूषण मेहता, प्रकाश राम,नवीन जायसवाल, चंपाई सोरेन, पूर्णिमा साहू, शत्रुघ्न महतो, रागिनी सिंह, राज सिन्हा, प्रदीप प्रसाद, अमित यादव, बाबूलाल मरांडी सहित कुल 13 बीजेपी विधायक सदन में अनुपस्थित रहे. इस पर भाजपा के बड़कागांव विधायक रौशनलाल चौधरी ने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण शहरी निकाय चुनाव और बजट सत्र की तिथि एक साथ घोषित की है. उन्होंने कहा कि हमें सामंजस्य बनाकर काम करना पड़ रहा है. लेकिन सत्ता पक्ष को हम निश्चिन्त नहीं बैठने देंगे और जोरदार तरीके से सदन में जनसरोकार के मुद्दे उठाएंगे.

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