झारखंड बजट पर घमासान: बाबूलाल ने सरकार पर किया तीखा प्रहार तो मंत्री इरफान ने किया बचाव, विधायक सरयू राय ने कही ये बात
झारखंड बजट 2026-27 पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है. विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताया तो सत्ता पक्ष ने बजट की सराहना की.

Published : February 24, 2026 at 3:30 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 3:42 PM IST
रांची: झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बजट को दिशाहीन बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है. वहीं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सरकार का पक्ष रखते हुए बजट को बेहतर बताया है. साथ ही जदयू विधायक सरयू राय ने भी बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
बजट में सिर्फ आंकड़ों का खेल- बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ष बड़ा बजट पेश करती है, लेकिन उसे प्रभावी तरीके से खर्च करने में विफल रहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभागों में आवंटित राशि समय पर खर्च नहीं हो पाती है. जिससे विकास कार्य अधूरे रह जाते हैं. “राज्य में आज भी लोग सड़क, नाली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार आंकड़ों का खेल खेल रही है, जबकि जमीनी सच्चाई अलग है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी प्रशासनिक कमजोरी छिपाने के लिए केंद्र पर दोष मढ़ती है.
रिम्स-2 के निर्माण को लेकर भी बालूलाल मरांडी ने सवाल उठाए. उनका कहना है कि जब राज्य में बंजर भूमि उपलब्ध है तो उपजाऊ कृषि भूमि पर निर्माण करना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं और सरकार को उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.
मंत्री इरफान अंसारी ने बजट को सराहा
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने कहा, “सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है. रिम्स-2 का निर्माण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा.” उन्होंने भरोसा दिलाया कि बजट की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू की जाएगी.
विधायक सरयू राय ने बजट को निराशाजनक बताया
इधर, जदयू विधायक सरयू राय ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें कोई नई सोच या ठोस पहल नजर नहीं आती. उन्होंने कहा, “यह बजट मूल रूप से पिछले बजट की ही पुनरावृत्ति है. उन्होंने कहा कि पुराने प्रावधानों को नए शब्दों में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन इसमें कुछ भी विशेष या दूरगामी नहीं दिखता.”
सरयू राय ने कहा कि राज्य को ऐसे बजट की आवश्यकता है, जो वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करे और आर्थिक अनुशासन के साथ विकास की स्पष्ट रूपरेखा दे.
सिर्फ कागजों में लोकलुभावन बजटः जयराम महतो
वहीं, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने राज्य सरकार के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे कागजों पर लोकलुभावन बताया. उन्होंने कहा कि बजट में आकर्षक घोषणाएं और बड़ी-बड़ी योजनाएं जरूर दिखाई देती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. पिछले वित्तीय वर्ष में जो राशि आवंटित की गई थी, वह कहां और किस मद में खर्च हुई इसका स्पष्ट ब्योरा तक सत्तापक्ष के कई जनप्रतिनिधियों के पास नहीं है.
जयराम महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब पूर्व में स्वीकृत योजनाओं का सही आकलन और पारदर्शी हिसाब ही उपलब्ध नहीं है, तो नए बजट की घोषणाओं पर भरोसा कैसे किया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़ों और घोषणाओं के सहारे जनता को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविक विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आते.
उन्होंने कहा कि बजट केवल भाषणों और दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ गांव-गरीब और आम नागरिक तक पहुंचना चाहिए. विधायक ने सरकार से मांग की कि पिछले बजट की राशि के खर्च का श्वेत पत्र जारी किया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और पारदर्शिता बनी.
बजट पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू
बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. आने वाले दिनों में सदन में इस पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है.
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