ETV Bharat / state

केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को लेकर बड़ी बैठक, डीएम ने दिये कड़े निर्देश, एक क्लिक में पढ़ें

केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है. प्रशासने ने कहा सुरक्षा व व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

KEDARNATH YATRA 2026
केदारनाथ यात्रा 2026 तैयारी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 21, 2026 at 5:25 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

रुद्रप्रयाग: आगामी 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो रही विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं. शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ टीम भावना में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं.

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों—सिरोबगड़, बांसवाड़ा, जवाड़ी बायपास एवं सिंकिंग जोन—में समयबद्ध उपचारात्मक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. बदरीनाथ रोड को नई टनल से जोड़ने वाले पुल का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने, आवश्यक स्थलों पर भूमि अधिग्रहण कर अतिक्रमण हटाने तथा हटाए गए मलबे के निस्तारण डंपिंग जोन चिन्हित करने को कहा गया है. 15 मार्च तक नालियों का निर्माण, सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई, अनावश्यक सामग्री हटाने तथा रिटर्निंग वॉल, क्रैश बैरियर व डायवर्जन स्थलों पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए.

शटल सेवा एवं परिवहन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एआरटीओ से ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड की जानकारी ली गई. रात्रिकालीन संचालन में ओवरचार्जिंग, रोड सेफ्टी और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए टैक्सी यूनियनों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए. गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, यात्री विश्राम गृह, सुरक्षा प्रबंध, वैली ब्रिज, मार्ग चौड़ीकरण, नेटवर्क कनेक्टिविटी, इमरजेंसी हेलिपैड, रैन शेल्टर एवं सफाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया. जोखिमयुक्त पेड़ों की कटान तथा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी क्षेत्र में दुकानों की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग को यात्रा मार्गों एवं पड़ावों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए. बाहरी जिलों से आने वाली पुलिस फोर्स के आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. केदारनाथ क्षेत्र की विषम मौसम परिस्थितियों को देखते हुए मेटल डिटेक्टर सहित सुरक्षा उपकरणों के लिए स्थायी स्थान चिन्हित करने पर विचार-विमर्श हुआ. बैठक में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग निहारिका तोमर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

जी-मैक्स प्रणाली के अंतर्गत मॉनिटरिंग कैमरा एक्सेस, रियल टाइम वेदर रिपोर्ट तथा घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी संचालन के लिए स्मार्ट कार्ड व्यवस्था की जानकारी ली गई. कैमरा एक्सेस रखने वाले अधिकारियों की सूची व्यू-ओनली एवं कंट्रोल एक्सेस श्रेणी में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.

यात्रा प्रारंभ से पूर्व प्रभावी बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने तथा बिना पंजीकरण वाले घोड़ा-खच्चरों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया. ट्रैक रूट पर तीन चेक प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे. बिना पंजीकरण पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गुप्तकाशी से केदारनाथ तक 15 अस्पताल संचालित किए जाएंगे. गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम से इवैक्यूएट करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी.दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए 4-5 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी. जिन पर टोकन संख्या, मंदिर बंद होने का समय, स्वच्छता संदेश, मौसम की जानकारी एवं मंदिर के लाइव दृश्य प्रदर्शित होंगे.

पढे़ं- 22 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, महाशिवरात्रि पर शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ में हुई घोषणा

पढे़ं- केदारनाथ के लिए मांगी गई पैरामिलिट्री फोर्स, सैटेलाइट फोन की भी डिमांड, केंद्र को भेजा गया पत्र