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बारिश की येलो चेतावनी के बाद रुद्रप्रयाग प्रशासन हाई अलर्ट पर, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बढ़ाई चौकसी

पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है. केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी नजर रखी जा रही है.

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बारिश के बाद रुद्रप्रयाग में बढ़ा नदियों का जल स्तर. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 1, 2026 at 2:35 PM IST

3 Min Read
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रुद्रप्रयाग: मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग जिले के लिए भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गया है. बुधवार सुबह से जारी लगातार बारिश के बीच जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से चौबीसों घंटे हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है. केदारनाथ धाम समेत जनपद के अधिकांश हिस्सों में लगातार वर्षा होने से प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता दोनों बढ़ा दी हैं.

रुद्रप्रयाग भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिलों में शामिल है. मानसून के दौरान यहां भूस्खलन, मलबा आने और मार्ग बाधित होने जैसी घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं. यही कारण है कि बारिश शुरू होते ही आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है और सभी संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

लगातार हो रही बारिश से एक ओर लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ यात्रा की रफ्तार प्रभावित होने लगी है. यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थलों पर प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो. जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग, केदारनाथ यात्रा मार्ग तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी कर रहे हैं.

जिले के विभिन्न हिस्सों में स्थापित 110 सीसीटीवी कैमरों से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपदा या अवरोध की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा कि सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है व मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और टीमों को तैयार रखा गया है.

उन्होंने बताया कि अलकनंदा मंदाकिनी नदियों का जल स्तर अभी खतरे के निशान से दूर है. अगर ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश लगातार जारी रही तो नदियों का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है. ऐसे में नदियों के आस पास रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.

उन्होंने आम नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें. अनावश्यक यात्रा से बचें व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए हर पल हालात की समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

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