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JDU में घमासान! प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से पहले जिलों में मचा हंगामा, अब नीतीश करेंगे हस्तक्षेप

नीतीश कुमार की जदयू में संगठन विस्तार और मजबूती की कवायद अपनों के ही विरोध और हंगामे के बीच फंसी नजर आ रही है. पढ़ें

JDU DISTRICT PRESIDENT ELECTION
JDU में घमासान (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 4, 2026 at 11:46 AM IST

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पटना: बिहार की सत्ताधारी दल जदयू में इन दिनों संगठन का चुनाव हो रहा है. प्रखंड और जिला अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है, लेकिन हंगामा भी बहुत हो रहा है. जदयू ने सांगठनिक स्तर पर 52 जिला तय किया है, लेकिन 1 मार्च को हुए चुनाव में आधे से अधिक जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ है.

50% जिला अध्यक्षों का चयन होना जरूरी: कई जिला अध्यक्ष का चुनाव हंगामे की भेंट चढ़ गया. मुख्यमंत्री के गृह जिले में भी जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका है. पटना नगर में भी जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है. कई जगह एक से अधिक दावेदार हो गए और इसके कारण हंगामा हो गया और अंत में निर्वाचन मंडल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया. 8 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव है और उससे पहले कम से कम 50% जिला अध्यक्षों का चयन होना जरूरी है. पार्टी में लगातार मंथन हो रहा है.

प्रखंड और जिला अध्यक्ष का चुनाव में हंगामा (ETV Bharat)

सांगठनिक चुनाव में कई जगह हंगामा: बिहार में सत्ताधारी दल जदयू में एक करोड़ सदस्य बनाने के लक्ष्य रखा गया था. पार्टी नेताओं का दावा है कि उससे अधिक लक्ष्य हम लोग बना रहे हैं और संगठन चुनाव का काम चल रहा है. पहले 20 फरवरी से 23 फरवरी तक हुए प्रखंड अध्यक्ष के चुनाव में हंगामा हुआ और उसके बाद 1 मार्च को हुए जिला अध्यक्ष के चुनाव में कई स्थानों पर हंगामा हुआ है.

अब नीतीश कुमार लेंगे फैसला: उसके कारण दो दर्जन से अधिक यानी आधा से अधिक जिला अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है. मुख्यमंत्री के गृह जिला में भी एक से अधिक उम्मीदवार होने के कारण अब नीतीश कुमार ही फैसला लेंगे. सहरसा, नालंदा और मधेपुरा में पहले ही चुनाव स्थगित कर दिया गया था.वहीं मुजफ्फरपुर, गया, पटना नगर और बेगूसराय में जमकर हंगामा हो गया और वहां भी तय हुआ कि अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ही उम्मीदवार का फैसला करेंगे.

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जदयू जिलाध्यक्षों की सूची (ETV Bharat)

प्रखंड अध्यक्षों की मांग: इसी तरह 26 से अधिक जिला अध्यक्षों का फिलहाल चुनाव नहीं हो पाया है. बेगूसराय के अधिकांश प्रखंड अध्यक्ष जो अभी हाल में चुने गए हैं. पार्टी कार्यालय में आकर कार्यकारी जिला अध्यक्ष को फिर से अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं. बेगूसराय जिले में 19 प्रखंड हैं और उसमें से 15 प्रखंड अध्यक्ष चाहते थे, शांतिपूर्ण चुनाव हो जाए. लेकिन बेगूसराय नगर प्रखंड के अध्यक्ष पांडव कुमार का कहना है कि सामाजिक तत्वों ने जो पिछले चुनाव में पार्टी विरोधी काम किए थे, हंगामा कर दिया जिसके कारण चुनाव नहीं हुआ.

"हमलोग बेगूसराय से आए हैं. बछवारा प्रखंड के अध्यक्ष हैं. कुछ असमाजिक तत्वों ने जो नहीं चाहते थे चुनाव हो, जान बूझकर हंगामा कर चुनाव को रद्द करवाया है. हम प्रदेश कार्यालय में अपनी बात रखने आए हैं."- विवेक पटेल, प्रखंड अध्यक्ष, बछवारा बेगूसराय

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निर्वाचित अध्यक्षों की सूची (ETV Bharat)

"हंगामा सिर्फ वह लोग कर रहे थे, जो पिछले साल पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे. वह लोग चाहते हैं बेगूसराय से जदयू समाप्त हो जाए."- पांडव कुमार, प्रखंड अध्यक्ष, बेगूसराय

संजय गांधी ने क्या कहा?: जदयू के मुख्य सचेतक और नीतीश कुमार के खास संजय गांधी का कहना है कि "जदयू लोकतांत्रिक पार्टी है और राष्ट्रीय अध्यक्ष पर सबको विश्वास है. कई स्थानों पर एक से अधिक उम्मीदवार होने के कारण सबने राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही जिला अध्यक्ष चुनने के लिए अधिकृत कर दिया है. 25 से 26 जिला अध्यक्षों का चुनाव अभी नहीं हुआ है.

27 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव: राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव संभावित प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों का चुनाव महत्वपूर्ण है. प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को मंत्री बनाए जाने की चर्चा हो रही है. ऐसे में कोई नया चेहरा जदयू की कमान संभाल सकता है.

निशांत के राजनीति में आने की चर्चा: वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर अभी नीतीश कुमार हैं, लेकिन पार्टी संगठन में बहुत कम ध्यान दे पाते हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर भी कोई नया चेहरा हो सकता है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने राजनीति में आने की बात कर दी है. ऐसे में संगठन के महत्वपूर्ण पद पर कमान संभाल सकते हैं इसकी चर्चा है.

8 मार्च को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है और उसकी तैयारी चल रही है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से पहले 50% से अधिक जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा होना जरूरी है. हालांकि पार्टी के नेता किन-किन जिलों में चुनाव स्थगित हुआ है और किन-किन जिलों में जिला अध्यक्ष का चुनाव हो गया है, फिलहाल लिस्ट जारी नहीं कर रहे हैं.

समझाने की कोशिश: जहां चुनाव हो गया है वहां भी कई जगह नाराजगी है और कई स्थानों पर तो हंगामा के कारण चुनाव नहीं हुआ है. कई जिला में हंगामा के बाद पार्टी के नेता प्रदेश कार्यालय में अपनी शिकायत कर चुके हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से बैठक कर उन्हें समझाने की कोशिश भी हुई है.

बढ़ता जा रहा विवाद: अब राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ सभी लिस्ट जारी करेंगे. तब पार्टी नेताओं का खासकर जिले के नेताओं की क्या प्रतिक्रिया होती है, देखने वाली बात होगी. 8 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद 27 मार्च को राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होगा, राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी और उसमें फैसला होगा. लेकिन उससे पहले जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा जरूरी है, जिस पर विवाद अभी थमा नहीं है.

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