मरीज की मौत के बाद जिला अस्पताल में हंगामा, डॉक्टरों ने निकाला पैदल मार्च
उपचार के दौरान मरीज की मौत. चित्तौड़गढ़ जिला चिकित्सालय में हंगामा. लड़खड़ाई व्यवस्थाएं. जानिए पूरा मामला...

Published : February 23, 2026 at 12:59 PM IST
चित्तौड़गढ़: जिले के सबसे बड़े चिकित्सालय श्री सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में रविवार रात को उपचार के दौरान मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया. परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अभद्रता कर दी. इसके विरोध में सोमवार सुबह चिकित्सक हड़ताल पर उतर आए. प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च निकाला और कलक्ट्रेट पहुंच ज्ञापन सौंपा है.
इधर, परिजनों ने भी चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी है. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है. फिलहाल, शांति बनी हुई है.
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चित्तौड़गढ़ सदर सीआई प्रेम सिंह ने बताया कि जिला चिकित्सालय में रविवार रात को हंगामे की सूचना मिली थी. पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की तो सामने आया कि एक मरीज की मौत हो गई थी और परिजन लापरवाही का आरोप लगा रहे थे. शहर के मीठारामजी का खेड़ा निवासी रतन पुत्र पोखर गुर्जर की तबीयत खराब होने के बाद जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया था. उपचार के दौरान रतन गुर्जर की मौत हो गई थी. इस पर परिजनों ने जिला चिकित्सालय में हंगामा खड़ा कर दिया.
ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया. वहीं, ड्यूटी चिकित्सक के साथ भी अभद्रता की गई. इसकी जानकारी चिकित्सालय स्टाफ में पहुंची तो वह भी मौके पर पहुंच गए. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया, साथ ही दोनों पक्षों से बात कर समझाइश करवाई. सदर सीआई ने बताया कि सोमवार को परिजनों की ओर से चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दी गई है. इस पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है. शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है. मौके पर शांति व्यवस्था के लिए सदर सीआई प्रेम सिंह के अलावा यातायात थानाधिकारी आशुतोष चारण को भी तैनात किया गया है.
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चिकित्सकों ने किया बहिष्कार, निकाला पैदल मार्च : इधर, रात को चिकित्सक के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद चिकित्सालय प्रशासन में रोष छा गया. बड़ी संख्या में चिकित्सा एवं नर्सिंग स्टाफ रात को ही जिला चिकित्सालय पहुंचे. पीएमओ डॉक्टर दिनेश वैष्णव ने दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को खरी-खोटी भी सुनाई. साथ ही जिला प्रशासन को उचित कार्रवाई के लिए कहा. उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी.
वहीं, सोमवार को चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया. चिकित्सालय शुरू होने के समय इमरजेंसी मामलों को छोड़ रोगियों के स्वास्थ्य की जांच नहीं की गई. सभी चिकित्सक पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. यहां पीएमओ डॉ. दिनेश वैष्णव व अन्य चिकित्सकों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रभा गौतम तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह से भेंट की. साथ ही इस मामले में अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. इस पर प्रशासन ने मामले की जांच करवा कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

