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अधिकारी ने अपनी ही सरकारी गाड़ी का काटा चालान, परिवार की स्कूटी पर लगा चुकी हैं हजारों का जुर्माना

सिरमौर आरटीओ ने अपनी ही सरकारी गाड़ी का चालान काट दिया. ये कार्रवाई उन्होंने वाहनों की जांच के दौरान की है.

अधिकारी ने अपनी ही सरकारी गाड़ी का काटा चालान
अधिकारी ने अपनी ही सरकारी गाड़ी का काटा चालान (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 5:26 PM IST

3 Min Read
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सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) सोना चंदेल इन दिनों चर्चा में हैं. उन्होंने अपने कार्यालय और परिवार पर भी नियम के तहत ही कार्रवाई कर एक जिम्मेदार अफसर होने का उदाहरण भी पेश किया है. हालांकि मामला कुछ दिन पुराना है, लेकिन ये अब सामने आया.

दरअसल 20 दिसंबर 2025 को आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल कालाअंब क्षेत्र में वाहनों की नियमित जांच पर निकली थीं. जांच के दौरान ये सामने आया कि बैरियर के समीप परिवहन विभाग कार्यालय के कर्मचारियों की गाड़ियों के दस्तावेजों को लेकर सवाल किया. सभी ने दस्तावेजों के सही होने की बात कहीं, लेकिन इसी बीच एक कर्मचारी ने हिम्मत जुटाकर धीमी आवाज में यह कह दिया कि मैम, आपके सरकारी वाहन एचपी 63सी-7365 का प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी.) एक्सपायर हो चुका है. यह सुन मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए. ऐसे मामलों में जहां आमतौर पर लोग मामले को नजरअंदाज कर देते हैं, वहीं आरटीओ ने बिना किसी संकोच के अपने ही सरकारी वाहन का 500 रुपए का चालान काट दिया. इतना ही नहीं मौके पर ही वाहन का वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र भी बनवाया गया.

परिवार की स्कूटी का ही काटा चालान

आरटीओ सोना चंदेल इससे पहले भी इसी तरह की कार्रवाई अपने परिवार के लोगों पर कर चुकी हैं. 27 मई 2025 को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अभियान के दौरान उनके परिवार के एक सदस्य की स्कूटी (HP-71-9045) पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं पाई गई. जानकारी मिलते ही बिना किसी दबाव या रियायत 3000 रुपए का चालान काटा गया, जिसकी राशि बाद में उन्होंने स्वयं जमा करवाई.

कार्यशैली दबंग, रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली

उधर परिवहन विभाग में यह महिला अफसर अपने मधुर स्वभाव और अपनी दबंग कार्यशैली के रूप में जानी जाती है. इस महिला अफसर कि कार्यशैली की बात करें तो आरटीओ का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है. वित्त वर्ष 2024-25 में उन्होंने उन्होंने लगभग ढाई करोड़ रुपए चालान के रूप में सरकार के खजाने में जमा करवाए. मौजूदा वित्त वर्ष में भी डेढ़ करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब पौने तीन करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया जा चुका है. इसी शानदार प्रदर्शन के चलते परिवहन विभाग ने सिरमौर जिले को टोयोटा की हाइब्रिड वाहन अतिरिक्त पुरस्कार के रूप में प्रदान की.

खुद पहले नियमों का पालन करना जिम्मेदारी

इस पूरे मामले पर सोना चंदेल से जब इस विषय पर उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उनका संक्षिप्त जवाब था—'ये भी कोई खबर है?' नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि खुद पालन करना पहली जिम्मेदारी है. उन्होंने अपने सरकारी वाहन और कुछ महीनों पहले अपने परिवार के एक सदस्य की स्कूटी का चालान करने की बात को स्वीकार किया.

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