पीएम किसान सम्मान निधि योजना में करोड़ों का घपला, जांच में जुटी पुलिस
पीएम सम्मान निधि से करोड़ों का फर्जीवाड़ा, लाखों लोगों पर एफआईआर दर्ज

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 5:43 PM IST
प्रतापगढ़: जनपद से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है. पुलिस ने 4.45 लाख लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाई शुरू कर दी है.
वर्ष 2019-2020 के दौरान पीएम किसान सम्मान निधि योजना में डायरेक्ट एंट्री करके फर्जी अभिलेखों के माध्यम से बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया गया था, कृषि विभाग ने जब किसानों से अभिलेख मांगना शुरू किया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. कृषि निदेशालय दिल्ली, केंद्रीय सतर्कता आयोग और पुलिस विभाग की अलग-अलग जांच में यह खुलासा हुआ कि 4.45 लाख किसानों ने फर्जी तरीके से आवेदन कर रखा है. इनमें दूसरे जनपद के लोगों भी शामिल हैं.
बीते दिनों कुंडा तहसील से ही लगभग 4 लाख 45 हजार 865 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया, जब चेक किया गया, तो इनका यहां न तो अकाउंट था और न ही आधार कार्ड, इन लोगों को जब ट्रेस किया गया तो उसमें से 3 लाख 80 हजार डिलीट कर लिए गए. बचे 66 हजार रजिस्ट्रेशन जिनका डाटा डिलीट नहीं हुआ है।
उप कृषि निदेशक अश्वनी सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का तीसरी किस्त जुलाई में ही जारी कर दी गई है. प्रतापगढ़ में कुल 5 लाख 18 हजार किसान हैं, जिनमें से 3 लाख किसानों के पास फार्मर आईडी है, जबकि 2 लाख 18 हजार किसानों के पास आईडी नहीं है. अगर पीएम किसान सम्मान निधि मिल रही है, तो फार्मर आईडी क्यों नहीं है. इन तमाम मामलों को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.
प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर ने बताया कि प्रतापगढ़ साइबर क्राइम थाने पर उप कृषि निदेशक ने प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के अंतर्गत, कुछ लाभार्थियों के द्वारा पात्रता ना होने के बाद भी धनराशि लेने की बात कही है. इस विषय मे साइबर क्राइम की धारा में अभियोग पंजीकृत किया गया है.
उन्होंने बताया मामले में जिस आईडी से लॉगिन हो रहा था, उसकी विवेचना साइबर थाने पर हो रही है. टीम गठित करके इसकी जांच की जाएगी. जैसे-जैसे साक्ष्य आएंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी.

