डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी गई महिला, लोन लेकर ठगों को दिए 3.9 करोड़
उत्तराखंड में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला से 3 करोड़ रुपए ठग लिए.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 20, 2026 at 6:45 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में साइबर क्राइम के बढ़ते मामले पुलिस के लिए चुनौती बने हुए है. प्रदेश में आए दिन साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे है. साइबर ठगों के जाल में फंसकर लोग अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी लूटा दे रहे है. ऐसा ही एक मामला राजधानी देहरादून से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर बुजुर्ग महिला से तीन करोड़ नौ लाख रुपए की ठगी कर डाली.
बुजुर्ग महिला की शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर लिया है. साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार डालनवाला निवासी 69 वर्षीय महिला ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि एक सितंबर 2025 को उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया था.
पीड़ित महिला के मुताबिक फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम प्रदीप मिश्रा बताया था और कहा था कि वो सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) का अफसर है. प्रदीप मिश्रा के बाद एक और व्यक्ति ने महिला से बात की थी. दूसरे व्यक्ति ने खुद को आईपीएस बताते हुए अपना नाम सुनील कुमार गौतम बताया.
बातचीत के दौरान दोनों ने बुजुर्ग महिला को 68 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के केस का डर दिखाया. इस दौरान संदीप नाम के व्यक्ति ने उन्हें 68 लाख रुपए के ट्रांसफर की रसीद व्हाट्सएप पर भेजी, जिसके बाद साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट करने की बात कही.
बातचीत के दौरान ठगों ने उन्हें यह भी डर दिखाया था कि अगर उन्होंने इसके सम्बन्ध में किसी से कुछ बताया तो वह इसमें गिरफ्तार हो सकती है, जिसमें उनके बच्चे भी फंस सकते हैं. अलग-अलग खातों में कराए गए ट्रांसफर शिकायत में बुजुर्ग महिला ने बताया कि 1 सितंबर 2025 के बाद से उनके पास कई बार अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आते रहे और 9 सितंबर 2025 से 30 अक्टूबर 2025 तक वह साइबर ठगों के अलग-अलग एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, आईडीएफसी और इंडसइंड बैंक खातों में 3 करोड़ 9 लाख रुपए ट्रांसफर कर चुकी थी.
बुजुर्ग महिला ने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान साइबर ठग लगातार उनसे उनकी लोकेशन के बारे में भी पूछते रहे और उनके घर व लोकेशन की तस्वीर भी उन्हें भेजते रहे. बुजुर्ग महिला ने साइबर ठगों को रकम ट्रांसफर करने के लिए एफडी तुड़वाई, गोल्ड लोन लिया और शेयर भी बेचे गए. जब पैसे कम पड़े तो उन्होंने साइबर ठगों को पैसे देने के लिए गोल्ड लोन तक ले लिया.
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया है कि बुजुर्ग महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही बुजुर्ग महिला द्वारा जिन खातों में रुपए ट्रांसफर करवाए है, उन खातों की जांच की जा रही है.
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने साफ किया है कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं होती है. इसीलिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. अगर किसी के पास इस तरह का फोन आता है तो वो तुरंत नजदीकी थाने या फिर साइबर पुलिस से संपर्क कर सकते हैं.
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