एक अकाउंट, 15 करोड़ की ठगी, 205 शिकार.. देशभर में लोगों को लगाया 'चूना'
बेगूसराय में साइबर फ्रॉड रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है. पढ़ें खबर

Published : May 18, 2026 at 2:19 PM IST
बेगूसराय : बिहार के बेगूसराय में साइबर अपराध का एक ऐसा बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है. साइबर थाना पुलिस ने करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसका बैंक खाता देशभर में साइबर फ्रॉड के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.
15 करोड़ की ठगी : सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने अपना बैंक खाता महज 3 लाख 75 हजार रुपए में साइबर अपराधियों को बेच दिया था. उसी खाते के जरिए देशभर में करीब 15 करोड़ 25 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया.
पटना से मिले इनपुट के बाद खुला बड़ा खेल : मामले का खुलासा तब हुआ जब साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पटना से बेगूसराय पुलिस को संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली. इनपुट मिलते ही साइबर थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. जांच के दौरान पुलिस ने फुलवड़िया थाना क्षेत्र निवासी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया. पुलिस जब उसके बैंक खाते का डिटेल खंगालने लगी तो जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए.

205 लोगों को बनाया शिकार : पिछले 8 महीनों में इस खाते से जुड़े देशभर के अलग-अलग राज्यों से 205 शिकायतें दर्ज पाई गईं. हर शिकायत ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से जुड़ी थी. शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि यह कोई सामान्य मामला नहीं बल्कि एक बड़े संगठित साइबर नेटवर्क का हिस्सा है.
'म्यूल अकाउंट' बन चुका था बैंक खाता : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुनील कुमार का बैंक खाता साइबर अपराधियों के लिए 'म्यूल अकाउंट' के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था. साइबर अपराध की भाषा में ऐसे खातों का उपयोग ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है, ताकि असली अपराधियों तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके.
जांच के मुताबिक लोगों से ऑनलाइन ठगी कर जो रकम हासिल की जाती थी, उसे सबसे पहले इसी खाते में जमा कराया जाता था. इसके बाद पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था. इसी तरीके से करीब 15 करोड़ 25 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया.

तीन नामों का किया खुलासा : पूछताछ के दौरान सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि इस पूरे नेटवर्क में तीन और लोग शामिल हैं. पुलिस अब उनकी पहचान कर लगातार छापेमारी कर रही है. तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है.
''अब साइबर अपराधी गांव और छोटे शहरों के लोगों को आसान टारगेट बना रहे हैं. वे लोगों को मोटी रकम का लालच देकर उनके बैंक खाते खरीद लेते हैं. कई लोग बिना खतरा समझे अपना खाता, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर तक दे देते हैं. हालांकि बाद में वही खाते करोड़ों की साइबर ठगी का जरिया बन जाते हैं.''- बेगूसराय पुलिस
'बैंक खाता दूसरे को इस्तेमाल नहीं करने दें' : पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं. इसलिए किसी भी स्थिति में अपना बैंक खाता या ओटीपी किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए नहीं देना चाहिए. फिलहाल बेगूसराय साइबर थाना की विशेष टीम मामले की जांच में जुटी हुई है. पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
ये भी पढ़ें :-
बिहार में 10 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, अंतरराज्यीय गिरोह का आरोपी गिरफ्तार
विदेश में साइबर अपराधियों को बेचते थे बिहार के लोगों का डेटा, गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार

