ट्रेन से कछुए की तस्करी का खुलासा, दून एक्सप्रेस से सैकड़ों कछुए बरामद
धनबाद में आरपीएफ ने ट्रेन से कछुए की तस्करी का खुलासा किया है. नरेंद्र निषाद की रिपोर्ट.

Published : August 29, 2026 at 9:45 PM IST
धनबाद: वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान धनबाद में रेलवे सुरक्षा बल की टीम को बड़ी सफलता मिली है.
Operation WILEP के तहत कार्रवाई करते हुए RPF की टास्क टीम ने दून एक्सप्रेस के महिला कोच से 120 जीवित कछुओं को बरामद किया है. कछुओं को छह अलग-अलग बैग और बोरियों में छिपाकर रखा गया था. बरामद सभी कछुए Indian Flapshell यानी इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के बताए गए हैं.
घटना 28 अगस्त की दौरान रात की है. सहायक सुरक्षा आयुक्त, धनबाद के निर्देशन में गठित मंडल स्तरीय टास्क टीम ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस में जांच और गश्ती कर रही थी. टीम जब गोमो और धनबाद के बीच ट्रेन की जांच कर रही थी, तभी करीब रात 12:30 बजे ट्रेन के पीछे की ओर स्थित महिला कोच के अंतिम कंपार्टमेंट में कुछ लावारिस सामान नजर आया.

जांच के दौरान टीम को कुल छह बैग और बोरी मिली. मौके पर मौजूद यात्रियों और अन्य लोगों से इन सामानों के बारे में पूछताछ की गई लेकिन किसी ने भी इन बैगों पर अपना दावा नहीं किया. किसी यात्री ने सामान का मालिक होने की बात स्वीकार नहीं की. इसके बाद आरपीएफ जवानों को इन बोरों के भीतर कुछ संदिग्ध वस्तु होने का अंदेशा हुआ.
बाहर से जांच करने पर बोरियों के भीतर कछुए जैसी आकृति महसूस हुई. इसके बाद ट्रेन के धनबाद स्टेशन पहुंचने का इंतजार किया गया. ट्रेन के धनबाद पहुंचने पर आरपीएफ पोस्ट धनबाद की टीम के सहयोग से एक बार फिर सामान के संभावित मालिक की तलाश की गई. काफी पूछताछ और खोजबीन के बावजूद किसी व्यक्ति ने इन छह बैगों और बोरों की जिम्मेदारी नहीं ली.
मामला संदिग्ध लगने पर सभी छह थैलों को धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारा गया. इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में बैग और बोरों को खोला गया. बैग के अंदर जूट के बोरों में बड़ी संख्या में जीवित कछुए पाए गए. गिनती करने पर प्रत्येक बैग से 20-20 कछुए बरामद हुए. इस तरह छह बैगों से कुल 120 जीवित कछुए मिले. सभी कछुए Indian Flapshell प्रजाति के बताए गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में जीवित कछुओं की बरामदगी के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने इन्हें तत्काल कब्जे में लेकर सुरक्षित किया.
RPF टीम ने करीब रात 1 बजे जब्ती सूची तैयार कर सभी 120 कछुओं को जब्त किया और उन्हें RPF पोस्ट धनबाद लाया गया. चूंकि वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध परिवहन से जुड़े मामलों में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए RPF ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए समन्वय शुरू किया.

बरामद कछुओं को सुरक्षित रखने के साथ ही उन्हें वन विभाग को सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं, कछुओं को ट्रेन में किसने रखा था और इन्हें कहां से लाया जा रहा था, इसका पता अभी नहीं चल सका है. बरामदगी के बाद RPF अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग शामिल हैं और कछुओं को कहां ले जाया जाना था.
इस कार्रवाई में मंडल स्तरीय टास्क टीम के एसआई आभाष चन्द्र सिंह, एचसी सेतु कुमार सिंह, सीटी विवेक कुमार, सीटी दीपक कुमार के अलावा RPF पोस्ट धनबाद के सीटी संजीव कुमार और सीटी प्रमोद कुमार शामिल रहे.
RPF की इस कार्रवाई को वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. खास तौर पर रेलवे मार्ग का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में जीवित वन्यजीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की कोशिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अब मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं.
इसे भी पढ़ें- धनबाद में दून एक्सप्रेस से कछुए बरामद, तस्करी के खिलाफ आरपीएफ की कार्रवाई
इसे भी पढ़ें- आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, बरामद किए 1000 से ज्यादा कछुए, वाराणसी से ले जाया जा रहा था फरक्का
इसे भी पढ़ें- RPF का एक्शन! चलती ट्रेनों में तस्करों की तोड़ी कमर, दुर्लभ कछुए और मेंढ़क बरामद

