जड़ों से आएगी त्वचा में जान: 'अरवी' और 'सूरन' की जड़ से होगा स्किन का इलाज़
'अरवी' और 'सूरन' की जड़ों को लेकर MMMTU की प्रोफेसर स्मृति ओझा के नेतृत्व में एक ऐसा शोध कार्य हुआ है. जिससे हाइड्रोजेल तैयार हुआ.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 29, 2026 at 11:14 AM IST
गोरखपुर: सब्जियों बाजार में 'अरवी' और 'सूरन' दो ऐसी सब्जियां हैं, जिसके अपने ख़ास गुण हैं. लेकिन यह ख़ास लोगों के डिमांड की भी सब्ज़ी है. ये दोनों सब्जी जमीन के भीतर पैदा होती हैं, जिनके तना और पत्ते बाहर दिखते हैं. लेकिन इन दोनों की जड़ों को लेकर फार्मेसी डिपार्टमेंट मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर स्मृति ओझा के नेतृत्व में एक ऐसा शोध कार्य हुआ है. जिससे हाइड्रोजेल तैयार हुआ है.
प्रोफेसर ओझा का कहना है कि यह हाइड्रोजोल जलने, कटने और अन्य घावों में उपयोगी हो सकता है. इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है. 18 चूहों को तीन समूह में बांटकर इस शोध को किया गया है.

हाइड्रोजेल की वजह से घाव तेजी से भरते हैं और और त्वचा में नए सेल बनने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होती है. यह संक्रमण वाले बैक्टीरिया से बचाता है और सूजन को भी कम करता है. उनका यह शोध तीन लोगों की टीम का परिणाम है जिसका नेतृत्व उनके हाथ था.
अंतरराष्ट्रीय जनरल पबमेड और बेन्थम साइंसेज में यह शोध प्रकाशित भी हुआ है, जो इसकी विश्वसनीयता और गुणवत्ता को दर्शाता है.
ईटीवी भारत से इस शोध के संबंध में उन्होंने बातचीत किया. विषय और परिणाम के पहलुओं के साथ चित्र और शोध पत्र को भी साझा किया.
वह बताती हैं कि खाने वाली सभी सब्जियां किसी न किसी गुण से भरपूर होती हैं लेकिन, अरवी और सूरन (इसे ओल भी कहा जाता है) न सिर्फ खाने में स्वाद देगी, बल्कि आपके कटी और झुलसी त्वचा के जख्म का इलाज भी करने में कारगर सिद्ध हो रही हैं.

उनकी टीम ने जो शोध से दवा तैयार की है वह पूरी तरह हर्बल है और बहुत कम समय में जख्म भरने में कारगर है. उन्होंने बताया कि इन दोनों सब्जियों से हाइड्रोजन तैयार किया गया जो घाव को भरने में असर दिखाता है.
उन्होंने कहा कि उनका यह शोध मदन मोहन मालवीय में प्रोफेसर होने से पहले ही नोएडा एक रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ वहां के रिसर्च एसोसिएट के रूप में काम करते हुए आगे रहा था, लेकिन इस बीच मदन मोहन मालवीय में बतौर प्रोफेसर उनकी नियुक्ति हुई और इस शोध को भी मुकाम मिला, जो अंतरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित होकर अपनी मान्यता को स्थापित कर रहा है.
उन्होंने बताया कि इसे पेटेंट कराने की प्रक्रिया में भी वह आगे बढ़ेंगी. विश्वविद्यालय और फार्मेसी डिपार्मेंट के कुछ नियम है, जिसका पालन करते हुए कुलपति की अनुमति के साथ इसको आगे बढ़ाया जाएगा.

इस प्रकार शोध से तैयार हुआ परिणाम
प्रोफेसर हो जाने के बाद स्मृति ओझा ने बताया कि पहले अरवी और सूरन की जड़ों को काटकर सुखाया गया. यह दोनों सब्जियां कंद वाली हैं, जिनको लोग बड़े चाव से कहते हैं. सूरन की डिमांड तो दीपावली के अवसर पर बड़े स्तर पर रहती है. यह बेहद गुणकारी और फाइबर युक्त होता है.
उन्होंने कहा कि सूखने के बाद इसका पाउडर बनाया गया और फिर पाउडर को एथेनॉल और पानी के मिश्रण से बने घोल में घोला गया. फिर इसे छानकर निकाला गया. इसी घोल को आगे की प्रक्रिया से गुजारते हुए हाइड्रोजेल तैयार किया गया. यह जेल संक्रमण से बचने के साथ घाव को जल्दी भरता है. इसे तैयार करने में उनके साथ रिसर्च में नोएडा स्थित इंस्टीट्यूट के अलावा AKTU लखनऊ के एक शिक्षक भी शामिल रहे.
उन्होंने कहा कि जमीन के अंदर उगने वाली है दोनों सब्जियां बहुत ही खास होती हैं. इनकी जड़ों से आए परिणाम ने इस बात को साबित किया है. यह पोषक और औषधि गुण से भरपूर हैं.
इन दोनों में एंटीऑक्सीडेंट, फेनोलिक, टैनिन, एल्कलाइड जैसे तत्व मिलते हैं, जो घाव भरने और सूजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे तैयार हाइड्रोजेल भविष्य में जलने, कटने और अन्य त्वचा घाव के इलाज उपयोगी में हो सकता है. पूरी तरह प्राकृतिक स्रोतों पर आधारित इस शोध का आया परिणाम कोई साइड इफेक्ट देने नहीं वाला है.
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित होने के साथ यह अपने गुण से लाभकारी होगा, लेकिन अभी इसमें एक और चरण शुरू करने की उनकी इच्छा है. शायद इससे और भी बेहतर परिणाम आगे आ सके.
उन्होंने कहा कि रिसर्च में कुल 18 चूहों को तीन समूह में बांटा गया. पहले समूह के चूहे के जख्मों को शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता से ठीक करने की कोशिश की गई. फिर जख्म का पारंपरिक लेप लगाकर इलाज किया गया और तीसरे समूह के चूहों पर हाइड्रोजेल का परीक्षण हुआ.
नतीजा यह आया कि हाइड्रोजेल लगने से घाव तेजी से भर गये. यही नहीं जख्म भरने के साथ त्वचा में नए सेल भी बनने की प्रक्रिया जल्दी शुरू हो गई. इन सभी प्रक्रियाओं का विश्लेषण उनके जनरल में है जिसको प्रकाशन के योग्य पाया गया है.

