रोहतक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर पीड़ितों की मदद के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार
रोहतक पुलिस ने साइबर पीड़ितों को ठगने वाले गिरोह के 9 सदस्य पकड़े. इसके साथ ही सात फर्जी वेबसाइट और डिजिटल दस्तावेज बरामद किए.

Published : August 20, 2026 at 4:39 PM IST
|Updated : August 20, 2026 at 4:45 PM IST
रोहतक: साइबर ठगी के बाद शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रहे रोहतक के एक युवक को दूसरी बार ठगी का शिकार होना पड़ा. मामले में रोहतक पुलिस ने जांच करते हुए उत्तर प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी सिम, एटीएम और डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं.
पीड़ितों को बनाते थे शिकार: दरअसल, युवक पहले साइबर ठगी का शिकार हुआ था. इसके बाद उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए वेबसाइट तलाशनी शुरू की. इसी दौरान वह "साइबर सुरक्षा डॉट कॉम" और "साइबर सहायता डॉट कॉम" नाम की वेबसाइट के संपर्क में आया. दोनों वेबसाइट साइबर पीड़ितों की सहायता के नाम पर बनाई गई थीं, लेकिन इनके जरिए ठगी की जा रही थी.
कभी मुंबई पुलिस, कभी गृह मंत्रालय का अधिकारी: आरोपियों ने युवक से संपर्क कर खुद को पहले मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय का अधिकारी बनकर उससे बातचीत की गई. आरोपियों ने अलग-अलग प्रक्रियाओं और कथित साइबर हेल्प डेस्क मंजूरी के नाम पर उससे रकम जमा करवाई. इस तरह युवक से कुल 2 लाख 68 हजार 885 रुपये ठग लिए गए.
छह शहरों में पुलिस की रेड: मामला सामने आने के बाद रोहतक साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा, कानपुर, फर्रूखाबाद, मैनपुरी, कन्नौज और गाजियाबाद में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान गिरोह से जुड़े 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
13 स्मार्टफोन और 21 फर्जी सिम बरामद: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 स्मार्टफोन, 10 कीपैड मोबाइल, फर्जी नाम पर जारी 21 सिम कार्ड और 10 एटीएम कार्ड बरामद किए. जांच में साइबर पीड़ितों की सहायता के नाम पर संचालित 7 फर्जी वेबसाइट का भी खुलासा हुआ. पुलिस ने इन वेबसाइट से जुड़े डिजिटल दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं.
7 आरोपी पुलिस रिमांड पर: इस पूरे मामले में मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने कहा कि, "शिकायत के बाद जांच करते हुए उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर रेड की गई. कार्रवाई के दौरान 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 7 फर्जी वेबसाइट का खुलासा हुआ. गिरफ्तार आरोपियों में से 2 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि 7 आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं. पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और ठगी की अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है."
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