कुरुक्षेत्र पशु मेले में रोहतक का भैंसा "रामू" बना चैंपियन, चार दांत प्रतियोगिता में मारी बाजी
कुरुक्षेत्र राज्य स्तरीय पशु मेले में रोहतक के भैंसे रामू ने चार दांत प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया.

Published : February 7, 2026 at 4:13 PM IST
कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र के मेला ग्राउंड में 41वां राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी मेला आयोजित किया जा रहा है. यह मेला हरियाणा सरकार की ओर से आयोजित किया गया है, जिसमें प्रदेश भर से 1000 से अधिक पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचे हैं. मेले में अलग-अलग नस्लों के पशुओं की प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं, जिनमें भैंस, गाय, बैल और झोटों की सुंदरता और नस्ल के आधार पर जजिंग की जा रही है.
रोहतक के रामू ने जीता पहला स्थान: मेले में रोहतक जिले के जसैया गांव से पहुंचे युवा पशुपालक सन्नी का भैंसा "रामू" चार दांत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहा. रामू की जीत के बाद मेले में मौजूद पशुपालकों और आयोजकों में खासा उत्साह देखने को मिला. रामू के चैंपियन बनने से सन्नी और उनके परिवार में खुशी का माहौल है.

तीन साल की उम्र में बड़ी उपलब्धि: पशुपालक सन्नी ने बताया कि, " मेरे भैंसे रामू की उम्र करीब तीन वर्ष है. कम उम्र में ही रामू ने कई पशु मेलों में अपनी पहचान बना ली है. इससे पहले कुरुक्षेत्र में आयोजित डीएफए मेले में भी रामू प्रथम रह चुका है. इसके अलावा अन्य मेलों में भी यह भैंसा दूसरे और तीसरे स्थान पर कई बार पुरस्कार जीत चुका है."

प्योर मुर्रा नस्ल बना जीत की वजह: सन्नी ने बताया कि, "रामू प्योर मुर्रा नस्ल का भैंसा है. इसकी ऊंची कद-काठी, मजबूत शरीर और सुंदर बनावट के कारण जजों ने इसे प्रथम चुना. मुर्रा नस्ल की पहचान इसकी ताकत और आकर्षक लुक के लिए होती है, जो रामू में साफ दिखाई देता है. मैं केवल चार पशु ही रखता हूं, लेकिन सभी मुर्रा नस्ल के हैं. रामू को खास तौर पर तैयार की गई फीड दी जाती है, जिसमें कई पोषक तत्वों का मिश्रण होता है. इसके साथ ही सूखा और हरा चारा भी नियमित रूप से दिया जाता है."
दूध पीने से बढ़ी सेहत: सन्नी के अनुसार रामू की सबसे खास बात यह है कि वह रोजाना करीब 5 लीटर भैंस का दूध पीता है. दूध पीने की वजह से उसकी सेहत और शरीर की बनावट काफी बेहतर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि ऐसे पशु मेलों से पशुपालकों को प्रोत्साहन मिलता है और नई जानकारी भी सीखने को मिलती है.

