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सड़क किनारे सिलाई करने वाले दर्जी पिता की बेटी ने नेट परीक्षा में लाए 93%, ETV भारत की खबर से मिली प्रेरणा

सरगुजा की बेटी ने आर्थिक तंगी में भी NET क्वालिफाई किया और दूसरों के लिए प्रेरणा बनी. पिता के त्याग को अपनी ताकत बनाया.

Sarguja inspirational story
दर्जी पिता की बेटी ने नेट परीक्षा में लाए 93% (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 11, 2026 at 10:03 PM IST

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सरगुजा: जिले में टैलेंट की कोई कमी नहीं है. कई गरीब परिवार के बच्चे चाहे खेल हो या शिक्षा सभी में दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी फिर सामने आई है. सड़क किनारे बैठकर पुराने कपड़े सिलकर परिवार चलाने वाले एक गरीब पिता की बेटी प्रीति रवि ने यूजीसी नेट परीक्षा 93.71 प्रतिशत अंकों के साथ पास कर ली है. आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने कभी अपने बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं किया. आज उनकी मेहनत रंग लाई है. प्रीति को ETV भारत के एक वीडियो से प्रेरणा मिली.

धूप-बारिश में भी नहीं रुकी सिलाई

प्रीति रवि के पिता राजदेव रवि पिछले लगभग 25 वर्षों से सड़क किनारे सिलाई का काम कर रहे हैं. वे सुबह से लेकर रात 8 बजे तक लगातार सिलाई मशीन चलाते हैं. तेज धूप हो, बारिश हो या सर्दी – वे सिर्फ एक छाता लगाकर अपना काम करते हैं. राजदेव खुद 12वीं तक पढ़े हैं. वे आगे पढ़ना चाहते थे, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पढ़ाई छोड़कर काम शुरू करना पड़ा. पढ़ाई का महत्व समझते हुए उन्होंने ठान लिया कि वे अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएंगे.

सरगुजा में ईटीवी की खबर से बच्ची को मिली प्रेरणा (ETV BHARAT)

बेटी ने पिता के त्याग को बनाया अपनी ताकत

प्रीति बताती हैं कि घर की हालत बहुत कमजोर है. परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन सहित कुल पांच सदस्य हैं. पूरे परिवार की जिम्मेदारी पिता पर है. प्रीति कहती हैं कि जब भी वे अपने पिता को सड़क किनारे मेहनत करते देखती थीं, उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी. उनका सपना है कि वे अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार को बेहतर जीवन दें.

tailor daughter success
प्रीति को ETV भारत के एक वीडियो से प्रेरणा मिली (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

ईटीवी भारत की खबर से मिली प्रेरणा

इस कहानी की खास बात यह है कि प्रीति को आगे बढ़ने की प्रेरणा एक खबर से मिली. उन्होंने ईटीवी भारत में एक “चाय वाली दीदी” की कहानी देखी थी, जो 5 रुपये की चाय बेचकर अपने बेटे को पढ़ाती थीं. उनके बेटे ने भी नेट परीक्षा पास की और आज कॉलेज में पढ़ा रहे हैं. प्रीति कहती हैं कि जब उन्होंने वह वीडियो देखा तो उन्हें लगा कि अगर एक मां चाय बेचकर अपने बेटे को पढ़ा सकती है, तो वे भी मेहनत करके अपने पिता का नाम रोशन कर सकती हैं.

हम लोग परिवार में पांच लोग हैं. मेरे मम्मी पापा, एक भाई और एक छोटी बहन है. परिवार का बैकग्राउंड वीक है. पापा कड़ी धूप में भी एक छाता लगा के बैठे रहते हैं. बस वहीं से मेरे को प्रेरणा मिलती है कि मैं अपने आप को आगे बढ़ाऊं और अपने परिवार को भी थोड़ा सा ऊंचा रखूं.- प्रीति रवि

नेट परीक्षा में 93.71 प्रतिशत अंक

हाल ही में एनटीए द्वारा आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा में प्रीति ने कंप्यूटर साइंस विषय से परीक्षा दी. उसने बताया कि 2 तारीख कंप्यूटर साइंस का एग्जाम हुआ और 5 तारीख को उसका रिजल्ट आया. जिसमें उसने 93.71 प्रतिशत अंक हासिल किए. इससे अब उनका प्रोफेसर बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. हालांकि वे आगे और पढ़ाई करना चाहती हैं और सीजी व्यापम की ओर से निकाली जाने वाली परीक्षाओं में भी शामिल होना चाहती हैं.

tailor daughter success
सरगुजा की बेटी ने आर्थिक तंगी में भी NET क्वालिफाई किया (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

आगे का लक्ष्य

प्रीति का कहना है कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं. उनका लक्ष्य है उच्च शिक्षा जारी रखना और सीजी व्यापम की परीक्षा देना. वे युवाओं से कहती हैं कि जिनके पास सुविधाएं हैं, उन्हें उनका सही उपयोग करना चाहिए और अपने माता-पिता के संघर्ष को समझना चाहिए.

पिता को बेटी पर गर्व

राजदेव रवि कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी की सफलता पर बहुत गर्व है. वे चाहते हैं कि उनकी बेटी और आगे बढ़े. वे कहते हैं कि उन्होंने खुद गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ी, लेकिन अब अपने बच्चों के सपनों को पूरा होते देख उन्हें बहुत खुशी मिल रही है.

मैं 1998 से यहां सिलाई का काम कर रहा हूं, मेरे पिता की हालत ठीक नहीं थी तो मैं आगे नहीं पढ़ सका. अब बच्चे पढ़ रहे हैं तो बहुत ही अच्छा लग रहा है. मै इनकी मेहनत देख के इसको और आगे बढ़ाना चाहता हूं- राजदेव रवि, प्रीति के पिता

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