छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा माह 2026, उच्चस्तरीय बैठकों में बनी हादसों और मृत्यु दर में कमी लाने की कार्ययोजना
सड़क सुरक्षा माह के तहत प्रदेशभर में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा. मुख्य सचिव समेत बड़े अधिकारी भी हादसों को रोकने की कार्ययोजना बना रहे.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 2:05 PM IST
रायपुर: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश के अनुसार छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा माह 2026 मनाया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है. यह अभियान मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा चलाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री और मंत्रियों की सहभागिता: प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और परिवहन मंत्री केदार कश्यप की ओर से सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता पोस्टर और फ्लैक्स जारी किए गए. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश के सभी सरपंचों और पंचों से अपने पंचायत क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सक्रिय पहल करने की अपील की.

हेलमेट रैली से अभियान की शुरुआत: सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ 01 जनवरी 2026 को बेमेतरा में किया गया. इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की.
उच्चस्तरीय बैठकों में बनी कार्ययोजना: 03 जनवरी 2026 को दुर्ग में संभाग स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए. वहीं 5 जनवरी 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में विभागीय सचिवों की बैठक हुई. इन बैठकों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करने के निर्देश दिए गए.

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग पर विशेष फोकस: प्रदेश में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले जिले रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के लिए अलग से समन्वित कार्ययोजना बनाई गई है. वर्ष 2026 में इन जिलों में दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है.
2025 में दिखा सकारात्मक परिणाम: वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में लगभग 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगभग 9 लाख प्रकरण दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 45 प्रतिशत अधिक हैं. इन कार्रवाई से लगभग 39 करोड़ रुपए का परिशमन शुल्क वसूला गया.
2026 के लक्ष्य
- सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी
- दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) सड़क खंडों में शीघ्र सुधार
- दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए बेहतर व्यवस्था
यातायात पुलिस की जन-जागरूकता गतिविधियां: सड़क सुरक्षा माह के दौरान यातायात पुलिस की ओर से प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. इनके माध्यम से लोगों को बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन न चलाने, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन न चलाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने की समझाइश दी जा रही है. इसके साथ ही नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को सम्मानित भी किया जा रहा है.

