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सड़क हादसे में हुई पति की मौत, कोर्ट के आदेश के बाद बीमा कंपनी देगी मुआवजा

कोर्ट ने सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत के मामले में बीमा कंपनी को पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के आदेश दिए हैं.

Udham Singh Nagar
रुद्रपुर जिला एवं सत्र न्यायालय (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 26, 2026 at 9:01 AM IST

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रुद्रपुर: सड़क हादसे में पति की मौत के मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बीमा कंपनी को पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के आदेश दिए हैं, जिससे पीड़ित परिवार को राहत मिल सके. जिले में वर्ष 2020 में हुए एक सड़क हादसे में पति की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने बीमा कंपनी को पीड़ित परिवार को 5 लाख 43 हजार रुपये मुआवजा छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत अदा करने के आदेश दिए हैं.

मुआवजे से पीड़ित परिवार को मिलेगी राहत: गौर हो कि रुद्रपुर में वर्ष 2020 में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने पीड़ित परिवार को राहत प्रदान करते हुए मुआवजे का आदेश दिया है. यह फैसला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की न्यायाधीश मीना देऊपा की अदालत ने सुनाया. प्रकरण के अनुसार, रामपुर चकलुवा, उत्तर प्रदेश निवासी सोमवती देवी ने अधिकरण में याचिका दायर की थी. याचिका में बताया गया कि 19 नवंबर 2020 को दोपहर लगभग 12:30 बजे उनके पति बिहार लाल अपनी पुत्री के साथ सड़क पार कर रहे थे. इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन संख्या यूपी 22 एए 5859 ने उन्हें टक्कर मार दी.

बीमा कंपनी को मुआवजा देने के आदेश: दुर्घटना में बिहार लाल गंभीर रूप से घायल हो गए, उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि मृतक परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसकी मृत्यु के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया. प्रार्थी की ओर से वाहन स्वामी, चालक एवं बीमा कंपनी के विरुद्ध 12 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने बीमा कंपनी को 5.43 लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत अदा करने का आदेश दिया. अदालत के इस निर्णय से पीड़ित परिवार को आंशिक आर्थिक राहत मिली है. यह फैसला सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ितों के अधिकारों और वैधानिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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