ETV Bharat / state

'बिहार में 30 हजार करोड़ का शराब कारोबार..' विधानसभा में RJD विधायक ने गिनाए आंकड़े

शराबबंदी को लेकर विपक्ष ने बिहार सरकार को सदन में घेरा और इसे विफल बताते हुए विधानसभा के पटल पर चर्चा कराने की मांग की-

RJD MLA Ranvijay Sahu
बिहार विधानसभा का बजट सत्र (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 23, 2026 at 1:39 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना : बिहार विधानसभा के बजट सत्र में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब के कारोबार का मुद्दा उठा. एक आंकड़े का हवाला देते हुए आरजेडी विधायक रणविजय साहू ने आरोप लगाया कि बिहार में 30 हजार करोड़ के शराब कारोबार से ब्लैक मार्केट का बाजार फल-फूल रहा है.

'बिहार में शराबबंदी विफल' : आरजेडी विधायक रणविजय साहू ने स्पीकर से आग्रह किया कि सरकार इसपर अंकुश लगाए. साथ ही रणविजय साहू ने इस मुद्दे पर सरकार से चर्चा करने की अपील भी की. सदन में विधायक रणविजय साहू ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून जमीनी स्तर पर पूरी तरह से विफल हो चुका है.

"हमने शराब मुद्दे पर सदन के अंदर प्रस्ताव लाया है और आसन से आग्रह करेंगे कि जहरीली शराब के नाम पर बिहार में जो लूट मची है, सरकार इस पर अंकुश लगाए और सरकार इस पर डिबेट करे."- रणविजय साहू, विधायक, आरजेडी

शराबबंदी पर सदन में चर्चा करे सरकार : रणविजय साहू ने कहा कि हाल ही में 18 फरवरी 2026 को बिहार के रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा दूसरे जिलों से भी ऐसी खबरें आईं जिसमें सिवान, सारण और गोपालगंज में नकली शराब ने 35 से ज्यादा लोगों की न सिर्फ जान ली बल्कि कई लोगों की आखों की रोशनी भी छीन ली.

'अब तक 300 से ज्यादा जा चुकी है जानें..' : आरजेडी विधायक ने NCRB और राज्य सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2016 में जब से, बिहार में शराबबंदी लागू हुई, तब से 300 से ज्यादा लोगों की जान जहरीली शराब पीने से गई. उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी फेल है. छोटे तस्करों पर पर कार्रवाई करके पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करती है.

''उत्पाद विभाग द्वारा केवल छोटे तस्करों को पकड़कर आंकड़ों की खानापूर्ति की जा रही है. जबकि छोटे सिंडिकेट बेखौफ काम कर रहे है. इस प्रशासनिक विफलता की सबसे बड़ी कीमत राज्य के गरीब परीवार अपनी जान देकर चुका रहे है.''- रणविजय साहू, विधायक, आरजेडी

बिहार में शराबबंदी पर चर्चा तेज : बिहार में अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू हुई थी. तब से लेकर अब तक उसमें संशोधन भी हुए हैं. लेकिन इसबार बिहार में अवैध शराब के बढ़ते मामले को लेकर विपक्ष शराबबंदी को मुद्दा बना रहा है. जीतन राम मांझी, प्रशांत किशोर और दूसरे अन्य नेता शराबबंदी से राजस्व के नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं.

ये भी पढ़ें-