'जिंदा लाश.. #बेशर्म CM.. #9वीं फेल लुटेरा', RJD-JDU का डिजिटल वार इस स्तर पर पहुंचा
'दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों', बशीर बद्र के इस शेर को आगे समझिए.

Published : February 11, 2026 at 8:13 PM IST
पटना : कहते हैं राजनीति में ना तो कोई परमानेंट दोस्त होता है, ना दुश्मन. फिर भी कई बार नेता और पार्टियां इस स्तर पर हमला करते हैं, जिससे रिश्ते की गर्माहट तार-तार हो जाती है. कुछ ऐसा ही आजकल बिहार की सियासत में देखने को मिल रहा है.
RJD ने पहले किया हमला : बिहार विधानसभा और विधान परिषद से शुरू हुआ विवाद सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है. दरअसल बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म से विवादित पोस्ट किया गया. इसमें लिखा था, ''जिंदा लाश कुछ समय ओर गद्दी पर बैठा रहा तो बिहार ज़िंदा मुर्दा हो जाएगा. #बेशर्म CM''
JDU का पलटवार : आरजेडी के इस हमले पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने भी करारा पलटवार किया. लिखा, ''खुद को गलाकर, बिहार में जान फूंक दिया, नर्क से निकाल, सपनों का बिहार रच दिया. काश ऐसा 'लाश' तुम्हारा बाप भी होता, कम से कम बिहार अपना अस्तित्व तो न खोता. तुम्हारे मां-बाप तो जिंदा थे न? पर स्वार्थ की आग में उन्होंने बिहार जला दिया, खून चूसकर राज्य को जिंदा लाश बना दिया. #9वीं_फेल_लुटेरा.''
खुद को गलाकर, बिहार में जान फूंक दिया,
— Janata Dal (United) (@Jduonline) February 11, 2026
नर्क से निकाल, सपनों का बिहार रच दिया।
काश ऐसा 'लाश' तुम्हारा बाप भी होता,
कम से कम बिहार अपना अस्तित्व तो न खोता।
तुम्हारे मां-बाप तो जिंदा थे न?
पर स्वार्थ की आग में उन्होंने बिहार जला दिया,
खून चूसकर राज्य को जिंदा लाश बना दिया।… pic.twitter.com/CXP05almvB
विधान परिषद में हुआ था तू-तू मैं-मैं : दरअसल, पिछले कुछ दिनों से बिहार की राजनीति में गहमा-गहमी का माहोल चल रहा है. महिला सुरक्षा के मुद्दे पर विपक्ष लगातार हमलावर है. इसी कड़ी में दो दिन पहले यानी 11 फरवरी को विधान परिषद में हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हो गए थे. उन्होंने राबड़ी देवी पर जुबानी हमला किया था.
'ई लड़की है.. ई तीन गो ज्यादा हल्ला कर रही है, तुमलोगों ने कुछ काम किया था. ये लड़की है. इसके जो वो (पति) हट गए कुछ दिन बाद तो इसी को बना दिए. ये लोग कोई काम की है.'- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
अशोक चौधरी-सुनील सिंह भिड़े : इस बयान के बाद सियासी तूफान मच गया. राबड़ी देवी से लेकर विपक्षी सदस्य सीएम से मांफी की मांग करने लगे. जेडीयू के मंत्री अशोक चौधरी और आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह के बीच भी जुबानी हमला हुआ था. स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि विपक्षी सदस्यों को एक दिन के लिए सदन से बाहर भी कर दिया गया था.
डिमेंशिया और अल्जाइमर का जिक्र : सीएम नीतीश कुमार के इस बयान के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य और तेजस्वी यादव ने करारा हमला किया था. तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा था, डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है. जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं.
डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहाँ आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 9, 2026
प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को “लड़की” कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक व… pic.twitter.com/qqdsALqrFw
''प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को 'लड़की' कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक व दोषपूर्ण सोच का बारम्बार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आप क्या कहेंगे? मुख्यमंत्री जी की इसी मानसिकता के कारण ही प्रतिदिन बिहार की सैंकड़ो बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है.''- तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधानसभा
ये भी पढ़ें :-
'ई जो लड़की है..' बिहार विधान परिषद में CM नीतीश और राबड़ी देवी में तीखी नोकझोंक
'नीट छात्रा मौत मामले में रसूखदार मंत्री या उनके परिवार का हाथ', राबड़ी देवी का संगीन आरोप

