रांची में धूमधाम से मनाया गया राजद का 30वां स्थापना दिवस, लालू प्रसाद के बताए रास्ते पर चलने का नेताओं ने लिया संकल्प
राजद का 30वां स्थापना दिवस झारखंड राजद कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया.

Published : July 5, 2026 at 7:59 PM IST
रांची: झारखंड प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय में आज रविवार को पार्टी का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया. प्रदेश राजद अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव की अनुपस्थिति में रांची राजद के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र महतो की अध्यक्षता में एक गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
राजद स्थापना दिवस समारोह में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान वक्तताओं ने राष्ट्रीय जनता दल की 30 वर्षों की संघर्षपूर्ण यात्रा, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, संविधान की रक्षा और गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला और वंचित समाज के अधिकारों के लिए पार्टी के लगातार संघर्ष और उनके हक-अधिकार की लड़ाई में राजद की भूमिका और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला.
सामाजिक न्याय और जनहित के लिए संघर्ष करने का संकल्प
वक्ताओं ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सामाजिक न्याय की जिस विचारधारा को देशभर में नई पहचान दी, उसे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और अधिक मजबूत कर रहे हैं. जनसरोकारों और विकास की नई सोच के साथ राजद आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल हमेशा जनता की आवाज रहा है और आगे भी सामाजिक न्याय एवं समानता के मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा.इस मौके पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया और एक समृद्ध, सशक्त और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई.
राजद नेताओं ने केक काटकर मनाई खुशी
राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान राजद नेताओं ने केक काटकर, एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी. इस दौरान उत्साही कार्यकर्ताओं की ओर से "राष्ट्रीय जनता दल जिंदाबाद, "लालू प्रसाद जिंदाबाद" और "तेजस्वी यादव जिंदाबाद" के नारे लगते रहे. राजद के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी की ओर से प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया था.
कार्यक्रम में ये भी रहे मौजूद
राजद के स्थापना दिवस कार्यक्रम में धर्मेंद्र महतो, रंजन यादव, अनीता यादव, कमलेश यादव, आबिद अली, इम्तियाज हुसैन वारसी, मनोज पांडे, सुनील साहू, मदन यादव, सुधीर गोप, धर्मेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार बबलू, चंद्रशेखर भगत, मदन यादव, राजकिशोर सिंह, रवि जायसवाल, मनोज अग्रवाल, जितेंद्र राणा, राजेश यादव, सुजित सिन्हा, संतोष कुमार यादव, कमलेश कुमार, वीरेंद्र ठाकुर, यशवंत यादव, सिद्धेश्वर ठाकुर, अजय कुमार यादव, नंदलाल बाल्मीकि, धीरेंद्र ठाकुर, मिथुन चौधरी, रामभजन सिंह, पलांडू पाल, विजय राय, हरेंद्र कुमार, विशाल कुमार समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.

लालू एक विचारधारा और सामाजिक परिवर्तन के प्रणेताः कैलाश यादव
झारखंड प्रदेश कार्यालय के अलावा पार्टी का 30वां स्थापना दिवस कोकर स्थित इंद्रप्रस्थ बैंक्वेट हॉल में भी मनाया गया. कोकर में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व महानगर अध्यक्ष अर्जुन यादव ने किया. राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने अपने भाषण के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरा. कैलाश यादव ने कहा कि RJD के संस्थापक और सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं. यह विचारधारा सामाजिक न्याय, समानता और वंचितों की आवाज की है.
उन्होंने लालू प्रसाद यादव की जीवनी का जिक्र करते हुए उनकी माता मरगछिया देवी के संस्कारों को भी याद किया. कैलाश यादव ने बताया कि जब लालू यादव पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने खुशी-खुशी यह बात अपनी मां को बताई. इस पर मां ने कहा था "यह सब छोड़ो, पहले नौकरी करो ताकि घर का चूल्हा जल सके और दो वक्त की रोटी की जुगाड़ हो सके." इसी मिट्टी से जुड़ी सोच और संघर्ष ने लालू यादव को दलितों, शोषितों और वंचितों का मसीहा बनाया.
कैलाश यादव ने कहा कि आज राजद के 30वें स्थापना दिवस पर हमें एक बार फिर संकल्प लेना है कि राज्य और देश की व्यवस्था पर हावी लुटेरों और भ्रष्ट ताकतों के खिलाफ समाज को बचाने के लिए हमें संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा.
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