'बिहार-बंगाल के कुछ हिस्से काटकर बनाया जाएगा नया राज्य', RJD का सनसनीखेज आरोप
अमित शाह पर आरजेडी ने हमला किया और कहा कि शाह सीमांचल और बंगाल के कुछ इलाके को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहते हैं.

Published : February 26, 2026 at 3:55 PM IST
पटना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिनों के बिहार दौरे पर हैं और गृह मंत्री प्राथमिकताओं में सीमांचल शामिल है. गृह मंत्री अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के इंतजाम को लेकर समीक्षा की जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह के दौरे पर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से गंभीर सवाल उठाए गए हैं. पार्टी के सीनियर विधायक और प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने कहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए कुछ भी कर सकती है. भाजपा की नियत साफ नहीं है और यह लोग ध्रुवीकरण की राजनीति करना चाहते हैं.
केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कवायद: ईटीवी भारत से खास बातचीत के दौरान रणविजय साहू ने कहा है कि भाजपा के लोगों को विकास से कोई मतलब नहीं है क्योंकि बंगाल में चुनाव है, इस वजह से यह लोग ध्रुवीकरण करना चाहते हैं. हमें यह संदेह है कि गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल और बंगाल के कुछ इलाके को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहते हैं.
" ये लोग कुछ भी कर सकते हैं. बिहार की जनता ऐसे कदम को कभी भी स्वीकार नहीं करेगी. वोटबैंक की राजनीति के तहत ऐसा किया जा सकता है. इसी एजेंडे के तहत अमित शाह सीमांचल के दौरे पर आए हैं."- रणविजय साहू, आरजेडी विधायक
घुसपैठ की समस्या पर केंद्र सरकार गंभीर: बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल दौरे पर हैं. अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जिले पर गृहमंत्री की नजर है. उन इलाकों में डेमोग्राफिक चेंज और घुसपैठ की समस्या को लेकर केंद्र की चिंता है और इस पर रणनीति भी बनाई जा रही है.
घुसपैठियों को किया जाएगा भारत से बाहर: अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता को कहना चाहता हूं कि हमने चुनाव में बिहार की जनता को वादा किया था कि हम बिहार को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे. इसका मतलब सिर्फ मतदाता सूची से नाम हटाना नहीं है, बल्कि हम कृत संकल्पित हैं कि एक-एक घुसपैठियों को चुन-चुनकर भारत से बाहर भेजने का काम करेंगे.
"भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार स्पष्ट करना चाहती है कि ये वादा चुनावी नहीं है. नरेंद्र मोदी सरकार का ये ढृढ़ संकल्प है. पूरे सीमांचल में कुछ ही समय में इसकी शुरुआत होनी जा रही है. मैं खुद सीमांचल में चार दिन चुनाव के समय रुका था और जनता से वादा किया था कि पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे."- अमित शाह,केंद्रीय गृह मंत्री
नया राज्य कैसे अस्तित्व में आता है?: भारत में एक नया राज्य, संविधान के अनुच्छेद के तहत संसद द्वारा साधारण बहुमत पास किए गए कानून के जरिये अस्तित्व में आता है. इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश पर संसद में विधेयक लाया जाता है, जो किसी राज्य के हिस्से को अलग कर या दो प्रदेशों को मिलाकर राज्य का नाम, बॉर्डर या क्षेत्र बदल सकता है.
भारत में नया प्रदेश बनाने का मुख्य आधार: देश में नया राज्य बनाने मुख्य आधार प्रशासनिक सुविधा, भाषाई समानता, आर्थिक डेवलपमेंट और सांस्कृतिक विशिष्टता है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत संसद द्वारा सामान्य बहुमत से पूरा किया जाता है.. राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) ने राष्ट्रीय एकता, क्षेत्रीय विकास और वित्तीय व्यवहार्यता को प्रमुख माना था.
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