बस्तर में गर्मी से पहले सूख रही नदियां, किसानों को फसल सूखने का डर,कोसारटेडा बांध से पानी छोड़ने की मांग
बस्तर में गर्मी की शुरुआत से पहले ही नदियां सूखने लगी है.बजावंड क्षेत्र के ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 19, 2026 at 7:09 PM IST
बस्तर : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में गर्मी का मौसम अभी शुरू भी नहीं हुआ है,लेकिन उससे पहले ही कई इलाकों में भूजल स्तर गिरने लगा है. ग्रामीण अंचलों में भूजल स्तर नीचे गिरने से लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है. गुरुवार को बजावंड क्षेत्र और भानपुरी क्षेत्र के ग्रामीण पानी की समस्या को लेकर बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन देने जिला कलेक्टोरेट पहुंचे. ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याएं साझा की.
कोसारटेडा बांध से पानी छोड़ने की मांग
प्रभावित ग्रामीण मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि भानपुरी क्षेत्र में इंद्रावती नदी की सहायक नदी मारकंडी नदी बहती है. जिसका जल स्तर तेजी से घट रहा है. इसके अलावा कोसारटेडा बांध से भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है.जिसकी वजह से नदी पूरी तरह से सूख गई है. जिससे अब सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है.

आसपास के कई किसानों ने मक्का की खेती की है. पर्याप्त पानी नहीं मिल पाने की वजह से उनके फसल सूख कर खराब हो रही है. फसल सूखने के कारण किसानों को काफी नुकसान पहुंच रहा है- मनोज कुमार ठाकुर,ग्रामीण
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि कोसारटेडा बांध से पानी छोड़ा जाए,नहीं तो उन्हें काफी गंभीर समस्या से जूझना पड़ेगा. इधर इंद्रावती नदी का भी जलस्तर गिरने से लगातार रेत माफिया सक्रिय होकर रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं. इस वजह से किसानों के फसल खराब हो रही है. बस्तर कलेक्टर से मांग की गई है कि जल संसाधन विभाग इस ओर ध्यान देकर किसानों के लिए पानी की व्यवस्था इस इलाके की सहायक नदी में करें.
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