नक्सलगढ़ में रिवर एडवेंचर फेस्ट: इंद्रावती के तट पर रोमांच, विश्वास और बदलते बस्तर की नई पहचान
रिवर एडवेंचर फेस्ट के जरिए नक्सलगढ़ के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 20, 2026 at 10:37 AM IST
|Updated : February 20, 2026 at 2:18 PM IST
बीजापुर: बीजापुर जिले के मट्टीमरका में इंद्रावती नदी के तट पर रिवर एडवेंचर फेस्ट आयोजित किया गया. जिसमें नक्सलगढ़ के युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. जिससे यह फेस्ट केवल एक साहसिक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर और उभरते विश्वास की नई पहचान बनकर सामने आया.
बीजापुर जिला प्रशासन की पहल
जिला प्रशासन बीजापुर की पहल पर आयोजित इस फेस्ट में दूरस्थ और आदिवासी बहुल गांवों के बच्चों व युवाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल दिखाई दिया. कभी भय और अलगाव की छाया में रहे इस अंचल में अब विकास, रोमांच और नए अवसरों की रोशनी नजर आने लगी.
नक्सलगढ़ के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास
फेस्ट के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके भीतर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का सशक्त प्रयास किया गया. आयोजन स्थल पर जिपलाइन, बंजी जंपिंग, जुमरिंग, पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइंबिंग, एटीवी राइड, तीरंदाजी, बीच वॉलीबॉल और रिवर कैंपिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों ने प्रतिभागियों को साहसिक खेलों से परिचित कराया. रात में स्टार गेजिंग और दिन में स्थानीय बस्तरिया व्यंजनों ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग भी दिया.

इस पहल का उद्देश्य युवाओं में साहसिक पर्यटन के प्रति रुचि विकसित करना, जिले में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाना और अंदरूनी गांवों के बच्चों को नए अनुभव और आत्मविश्वास देना रहा. बड़ी संख्या में आदिवासी बच्चों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि अवसर मिलने पर वे भी किसी से कम नहीं हैं.

कलेक्टर ने जिप लाइन का लिया मजा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन और कलेक्टर संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने खुद बच्चों के साथ जिपलाइन का आनंद लिया, जिससे बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया. सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों के साथ बैठकर भोजन करने से प्रशासन और आमजन के बीच आत्मीयता और विश्वास का संदेश गया.

