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झारखंड विधानसभा में साइबर क्राइम पर हुई खींचतान, हेमलाल मुर्मू के सवालों का मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिया जवाब

झारखंड विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राज्य में बढ़ते साइबर अपराध, कैदियों के भागने और नशीले पदार्थों की खेती जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस हुई.

JHARKHAND ASSEMBLY SESSION
हेमलाल मुर्मू (सौ. जेवीएसटीवी)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 22, 2026 at 10:13 AM IST

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रांचीः झारखंड विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान राज्य में बढ़ते साइबर अपराध, जेल से कैदियों के फरार होने और नशीले पदार्थों की खेती-तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली. जेएमएम विधायक हेमलाल मुर्मू के सवालों पर प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सरकार की ओर से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार अपराध के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है.

साइबर अपराध में बढ़ोतरी, विदेश कनेक्शन पर सवाल

हेमलाल मुर्मू ने कहा कि राज्य में साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और कई मामलों में इनका सीधा संबंध विदेशों से जुड़ रहा है. उन्होंने सरकार से पूछा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस के पास क्या ठोस कार्ययोजना है और क्या साइबर क्राइम रोकने के लिए एक्सपर्ट पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है.

95% मामलों में गिरफ्तारी- मंत्री

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को बताया कि साइबर अपराध के मामलों में करीब 95 प्रतिशत लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि दोषमुक्त होना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और पुलिस की कार्रवाई कानून के दायरे में होती है. जेल ब्रेक और नशे की खेती पर सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि जेल से भागे चारों कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं नशीले पदार्थों की खेती को लेकर उन्होंने कहा कि जैसे ही सूचना मिलती है, पुलिस तत्काल कार्रवाई कर खेती को नष्ट करती है. मंत्री ने कहा कि 2024-25 में 27,051 एकड़ जमीन पर लगी अफीम की फसल को पुलिस ने नष्ट किया.

गरीबों को टॉर्चर करती है पुलिस- हेमलाल

हेमलाल मुर्मू ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अक्सर गरीब और निरीह लोगों को पकड़कर प्रताड़ित करती है, लेकिन ठोस साक्ष्य नहीं जुटा पाती. इसी वजह से अदालतों में दोष सिद्ध नहीं हो पाता और आरोपी छूट जाते हैं. पूरक प्रश्न में विधायक ने दोहराया कि जब पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा पाती है, तब ही कोर्ट दोषमुक्त करता है. उन्होंने पूछा कि अब तक एक्सपर्ट पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति और जन-जागरूकता अभियानों को लेकर सरकार ने क्या-क्या ठोस कदम उठाए हैं.

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