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बिहार के ऋषभ देव शुक्ला का एशिया पैसिफिक यूथ कॉन्फ्रेंस में चयन, गोपालगंज की प्रतिभा को मिला वैश्विक मंच

गोपालगंज के ऋषभ देव शुक्ला का नेपाल के एशिया पैसिफिक यूथ कॉन्फ्रेंस में चयन हुआ. जानें कौन हैं बिहार के युवा रिसर्च स्कॉलर ऋषभ.

RISHABH DEV SHUKLA
ऋषभ देव शुक्ला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 19, 2026 at 4:00 PM IST

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गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के खजुहट्टी गांव निवासी ऋषभ देव शुक्ला का नेपाल के लुंबिनी में आयोजित एशिया पैसिफिक यूथ कॉन्फ्रेंस में चयन हुआ है. महात्मा गांधी केंद्रीय विद्यालय के रिसर्च स्कॉलर ऋषभ बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह उपलब्धि पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है.

22 देशों के युवा नेता होंगे शामिल: 29 से 31 मई 2026 तक कोहलपुर, बांके, लुंबिनी प्रोविंस में होने वाले इस सम्मेलन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 22 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे. यह मंच भविष्य के वैश्विक नेतृत्वकर्ताओं को जलवायु परिवर्तन, उद्यमिता और नीति-निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा.

एशिया पैसिफिक यूथ कॉन्फ्रेंस में जायेंगे ऋषभ देव शुक्ला (ETV Bharat)

क्लाइमेट चेंज और उद्यमिता पर फोकस: सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तापन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप और युवाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा होगी. कोहलपुर यूथ क्लब नेटवर्क और कोहलपुर म्युनिसिपैलिटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में इंटरैक्टिव वर्कशॉप, पैनल डिस्कशन और नेटवर्किंग सत्रों का आयोजन किया जाएगा.

ऋषभ देव का फोकस 'ग्रामीण विकास': ऋषभ देव शुक्ला ने कहा कि वो सम्मेलन में पॉलिसी, गवर्नेंस और लोकल इकॉनमी पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे. उनका मुख्य जोर बिहार के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बेहतर नीतिगत सुधारों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर रहेगा. वे जन-भागीदारी वाले शासन मॉडल को भी विश्व पटल पर रखेंगे.

“ग्रामीण बिहार की आवाज को विश्व मंच पर ले जाना मेरा सपना है. स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर हम सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं.” - ऋषभ देव शुक्ला, रिसर्च स्कॉलर

RISHABH DEV SHUKLA
गोपालगंज के ऋषभ देव शुक्ला (ETV Bharat)

बिहार में छाया उत्साह: जैसे ही ऋषभ के चयन की सूचना गोपालगंज पहुंची, पूरे जिले में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई. स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों और युवाओं ने इसे बिहार की प्रतिभा का वैश्विक सम्मान बताया. उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत माना जा रहा है.

तीन दिवसीय कार्यक्रम की खासियत: इस तीन दिवसीय सम्मेलन में प्रतिभागी जलवायु कार्य, नवाचार, स्टार्ट-अप विकास और मेंटरशिप के अवसर प्राप्त करेंगे. बांके नेशनल पार्क की यात्रा के साथ-साथ इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी अनुभव होगा.

बिहार की युवा शक्ति का वैश्विक प्रमाण: ऋषभ देव शुक्ला की यह उपलब्धि साबित करती है कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों से भी युवा वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं. उनकी मेहनत न केवल व्यक्तिगत सफलता है बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है.

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