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रिसाली नगर निगम विवाद : सतनामी समाज ने जातिगत भेदभाव के लगाए आरोप, मेयर शशि सिन्हा ने आरोपों को नकारा

रिसाली नगर निगम मेयर शशि सिन्हा पर जातिगत टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगा है.जिसे मेयर ने राजनीति से प्रेरित बताया है.

Satnami society caste discrimination
रिसाली नगर निगम विवाद (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 23, 2026 at 12:34 PM IST

5 Min Read
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भिलाई : रिसाली नगर निगम के मेयर पर जातिगत टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगा है. ये आरोप मेयर के घर पर सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों ने लगाए हैं.सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि मेयर शशि सिन्हा और उनके परिजन घर पर काम करने के दौरान अमानवीय बर्ताव करते हैं.कई बार उन्हें जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके अपमानित किया जाता है.

सफाई कर्मचारियों ने दी लिखित में शिकायत

मेयर शशि सिन्हा के खिलाफ उनके घर पर काम करने वाले तीन सफाई कर्मी वेद बाई साहू, नेमा साहू और शुभम साहू ने ठेका एजेंसी को लिखित में आवेदन देकर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है. शिकायत में सफाईकर्मियों ने कहा है कि उनकी गैर मौजूदगी पर किसी दूसरे को मेयर के घर पर यदि काम करने के लिए भेजा जाता है तो मेयर उन्हें जातिगत टिप्पणी करके काम करने से मना कर देती है.साथ ही साथ कुछ विशेष वर्ग के लोगों को घर में घुसने तक से मना कर दिया जाता है.अब सतनामी समाज मेयर के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है.

सतनामी समाज ने जातिगत भेदभाव के लगाए आरोप (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मुझे मेयर निवास में सुपरवाइजर ने काम करने के लिए भेजा था.मैं जब पहुंची तो मेयर ने मेरा सबसे पहले नाम पूछा.इसके बाद मैंने जब अपना नाम बताया तो उसने जाति पूछी.मैंने अपनी जाति सतनामी बताया,तो उसने मेरे को वापस भेज दिया-सुषमा किरण कुटेल,सफाई कर्मी

Satnami society caste discrimination
सतनामी समाज ने जातिगत भेदभाव के लगाए आरोप (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

महापौर ने हमारे समाज की महिला को काम में लेने से मना कर दिया.वहीं दूसरे समाज के लोगों को काम पर रखा. महापौर ने जात पात दिखाते हुए भेदभाव किया है हम चाहते हैं वो अपने पद से हटे सीधा इस्तीफा दे- कुसुम्मा खेवार,सतनामी समाज

जब वोटिंग होता है तो कोई हमसे ये कोई नहीं पूछता कि तुम किस जाति को हो.अब हमसे जाति पूछकर काम दिया जा रहा है.जो भेदभाव कर रहा है उसको पद से हटना चाहिए-सविता गौड़, सतनामी समाज

Satnami society caste discrimination
रिसाली नगर निगम विवाद (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

महापौर जातिगत भेदभाव करके समाज को अलग करने का काम कर रही है.हम लोग शांति पूर्ण तरीके से उनका इस्तीफा मांग रहे हैं.यदि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो आने वाले समय में समाज बैठक करेगा और फिर एकमत होकर निर्णय लेगा कि आगे क्या करना है- केशव महिपाल, सतनामी समाज

कर्मचारियों को हटाने को लेकर भी विवाद

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने काम बंद कर मेयर निवास का घेराव भी किया था. वहीं निगम आयुक्त मोनिका वर्मा ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को हटाने का आदेश उनकी ओर से नहीं दिया गया.उनके अनुसार, कर्मचारी ठेका एजेंसी के हैं और उन्हें हटाने का निर्णय एजेंसी का है.वहीं कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं जिन्होंने योग्यता के मुताबिक काम नहीं करवाने का आरोप लगाया है.

Satnami society caste discrimination
सतनामी समाज ने जातिगत भेदभाव के लगाए आरोप (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मैं पिछले चार साल से मेयर निवास में काम कर रहा हूं.मैं स्नातक पास कर लिया हूं,इसके बाद भी मुझसे मेरे काबिलियत के मुताबिक काम नहीं करवाया जाता था.मुझसे बाजार से सामान, कपड़े स्त्री करवाना और घर पर आने वालों को पानी पिलाने के लिए कहा जाता था.इसके बाद मैंने इसकी शिकायत एजेंसी से की,जिसके बाद मुझे मेरी शिक्षा के मुताबिक काम दिया गया है- शुभम साहू,कर्मचारी

सुपरवाइजर ने भी मानी अमानवीय व्यवहार की बात

इस पूरे मामले में सफाई एजेंसी के डायरेक्टर जहीर खान का कहना है कि कर्मचारियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें अमानवीय व्यवहार और निजी कार्य करवाने के आरोप शामिल थे. लिखित शिकायत के आधार पर ही कर्मचारियों को हटाया गया है.वहीं सुपरवाइजर ने भी माना है कि महपौर अमानवीय व्यवहार करती है.

मैं महापौर के पास लेबर अरेंज करता हूं.किसी भी वार्ड से मैं उनके पास दो लेबर लेकर जाता था. उनके पास जाने के बाद वो लेबर का कास्ट पूछती थी.यदि कोई सतनामी समाज का होता था तो उसे वापस भेज देती थी.मैं तीन साल से इस काम को कर रहा हूं,लेकिन महापौर की मानसिकता पता नहीं कैसी है- विजेंद्र सुपरवाइजर नगर निगम रिसाली

वहीं मेयर शशि सिन्हा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि आयुक्त उनके अधिकारों का हनन कर रही हैं.मेयर शशि सिन्हा ने आयुक्त पर आरोप लगाए कि वो मेरे घर पर सफाईकर्मचारियों को नहीं भेज रही हैं.जब मैंने उनसे जवाब मांगा तो मुझे ये कहा गया कि मैं आपको जवाब देने के लिए उत्तरदायी नहीं हूं.इस बात को लेकर मैं कलेक्टर के पास गई.अब तो मेरे निवास में एक भी कर्मचारी नहीं है.मुझे ऐसा लग रहा है कि आयुक्त ठेकेदार के अंडर में काम रही हैं.

सफाई ठेके को दो महीने का एक्सटेंशन देने के मामले में शिकायत करने के बाद उनके घर से कर्मचारियों को हटा दिया गया.जो भी अमानवीय व्यवहार करने की बात है वो पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित है- शशि सिन्हा,मेयर,रिसाली नगर निगम

रिसाली नगर निगम में पहले से ही मेयर और आयुक्त के बीच मतभेद की चर्चाएं रही हैं. ऐसे में यह मामला अब सिर्फ कर्मचारियों की शिकायत तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है. फिलहाल, लिखित शिकायत के बाद कर्मचारियों को हटा दिया गया है, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है.

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