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RIMS में फेस बेस्ड अटेंडेंस को लेकर जूनियर डॉक्टरों का विरोध, वेतन-स्टाइपेंड से जोड़ने पर आपत्ति, डीन को पत्र लिख दी चेतावनी

रिम्स में फेस बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम को लेकर जूनियर डॉक्टरों में भारी नाराजगी है. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट.

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राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 3, 2026 at 11:40 AM IST

3 Min Read
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रांची: रिम्स में जूनियर रेजिडेंट (JR), सीनियर रेजिडेंट (SR) और असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए प्रस्तावित फेस बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने कड़ा विरोध जताया है. जेडीए ने रिम्स के डीन को पत्र भेजकर फेस बेस्ड अटेंडेंस को वेतन और स्टाइपेंड से जोड़ने के प्रस्ताव को स्थगित करने की मांग की है.

जेडीए ने रिम्स डीन को लिखे पत्र में कहा कि वह जवाबदेही, समयबद्धता और पारदर्शी उपस्थिति व्यवस्था के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना वास्तविक हालात में सुधार, डॉक्टरों की कमी, कार्यभार और बुनियादी सुविधाओं को सुधारे बिना इस तरह की व्यवस्था लागू करना उचित नहीं होगा. JDA ने सवाल उठाया कि फेस बेस्ड अटेंडेंस सिर्फ जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और असिस्टेंट प्रोफेसरों तक ही क्यों सीमित की जा रही है, यह भी आपत्तिजनक बात है.

काम के घंटे को लेकर भी सवाल

जेडीए ने रेजिडेंट डॉक्टरों के निर्धारित कार्य घंटों के पालन पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि लागू एनएमसी मानकों में रेजिडेंट डॉक्टरों के काम के घंटे सामान्यतः सप्ताह में 48 घंटे से अधिक नहीं होने चाहिए. हालांकि विशेष परिस्थितियों में यह 60 घंटे तक हो सकते हैं. ऐसे में पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि रिम्स में इन मानकों का वास्तविक रूप से पालन हो रहा है या नहीं.

जेडीए ने पर्याप्त स्टाफ और फैकल्टी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, उचित ड्यूटी रोस्टर, आराम की व्यवस्था और वेतन-स्टाइपेंड का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है. जेडीए का तर्क है कि रातभर इमरजेंसी ड्यूटी करने, अगले दिन राउंड और प्रक्रियाओं में शामिल होने वाले डॉक्टरों की पूरी कार्यप्रणाली को सिर्फ बायोमेट्रिक एंट्री और एग्जिट के आधार पर नहीं आंका जा सकता है.

2024 के सरकारी पत्र का भी दिया हवाला

जेडीए ने अपने पत्र में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के 23 सितंबर 2024 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि 2015 के संबंधित नियमों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस को वेतन भुगतान से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है. JDA ने इस आधार पर प्रस्तावित व्यवस्था की प्रशासनिक और नियामकीय स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

जेडीए ने प्रशासन से नीति लागू करने से पहले संगठन के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर विचार नहीं होने की स्थिति में वह लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से आगे की कार्रवाई पर विचार करने को मजबूर होगा.

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