पवित्र झील के तट पर गूंजेंगे गुरु मंत्र: रिवालसर में आज होगा त्सेचु मेले का भव्य शुभारंभ
मेले से एक दिन पूर्व 24 फरवरी की शाम रिवालसर झील के पवित्र घाट पर महासंगम आरती और जगराते का आयोजन भी हुआ.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 9:52 AM IST
मंडी: मंडी जिला की पवित्र रिवालसर झील के तट पर 25 से 27 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय त्सेचु मेले का आयोजन किया जा रहा है. यह मेला बौद्ध गुरु पद्मसंभव की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और प्रदेश में आस्था, एकता तथा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है. हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
आज होगा औपचारिक शुभारंभ
मेले की औपचारिक शुरुआत आज (25 फरवरी) होगी. प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे. प्रशासन द्वारा मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं.
महासंगम आरती और जगराते से हुआ आध्यात्मिक आगाज
मेले से एक दिन पूर्व 24 फरवरी की शाम रिवालसर झील के पवित्र घाट पर महासंगम आरती और जगराते का आयोजन किया गया. इस दौरान हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के अनुयायी एक मंच पर एकत्रित हुए और विश्व शांति, सौहार्द और समृद्धि की कामना की. दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी विशेष धूम
उपमंडल अधिकारी बल्ह स्मृतिका नेगी ने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. महिला मंडलों की प्रस्तुतियां, लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी. तीन विशेष सांस्कृतिक संध्याएं — ट्राइबल नाइट, फ्यूजन नाइट और हिंदी नाइट — भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे.
'मिस हिमाचल 2026' प्रतियोगिता का दूसरा सीजन
इस वर्ष त्सेचु मेले का प्रमुख आकर्षण ‘मिस हिमाचल 2026’ प्रतियोगिता का दूसरा सीजन रहेगा. यह प्रतियोगिता विशेष रूप से शादीशुदा महिलाओं के लिए आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य महिलाओं को घरेलू जिम्मेदारियों से बाहर निकालकर उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का मंच देना है. प्रतियोगिता में इस बार 11 चयनित महिलाएं भाग ले रही हैं. इनमें 57 वर्ष की प्रतिभागी भी शामिल हैं, जो समाज के लिए प्रेरणा का संदेश दे रही हैं. प्रतियोगिता के आगामी चरण मार्च माह में आयोजित होने वाले नलवाड़ मेला सुंदरनगर के दौरान संपन्न होंगे.
पर्यटन और सामाजिक समरसता को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा. रिवालसर झील के तट पर आयोजित होने वाला यह मेला आस्था, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का संगम बनकर प्रदेश की पहचान को और मजबूत करेगा. पूरे मंडी जिला में मेले को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है.
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