रीवा का युवक इजराइल में, परिजनों को बताए सूरतेहाल, धमाकों से हिल रही धरती
रीवा के यंग रिसर्चर शैलेंद्र मिश्रा इजराइल में बारइलान यूनिवर्सिटी में कार्यरत. उन्होंने वीडियो जारी कर परिवार को वहां का हाल बताया.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 5:19 PM IST
|Updated : March 3, 2026 at 5:45 PM IST
रिपोर्ट : आबिद मुमताज
रीवा/भोपाल : रीवा का एक यंग रिसर्चर इजरायल में है. इजराइल में ईरान द्वारा लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं. इससे युवक का परिवार चिंतित है. हालांकि इजराइल गए रीवा के युवक ने वीडियो जारी कर खुद को सुरक्षित बताया है. परिवार ने भारत सरकार से इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
इजराइल की बारइलान यूनिवर्सिटी में रिसर्चर
इजराइल और ईरान के बीच चल रहे है युद्ध की चर्चा दुनियाभर में हो रही है. इस युद्ध ने भारतीयों के मन में चिंता की लकीरें खींच दी हैं. 10 हज़ार से ज्यादा भारतीय इस समय इजराइल में हैं. रीवा के रहने वाले शैलेन्द्र मिश्रा भी इजराइल में हैं. शैलेन्द्र साल 2024 में रिसर्च के सिलसिले में इजराइल गए थे. वह इस समय इजराइल की बारइलान-यूनिवर्सिटी में रिसर्चर के तौर पर कार्यरत हैं. जिस प्रकार ईरान लगातार मिसाइलें इजराइल पर दाग रहा है, उससे परिवार के लोग चिंता जता रहे हैं.

भारतीयों की सुरक्षित वापसी की मांग
शैलेन्द्र के भाई संजय मिश्रा ने बताया "भारत सरकार को ईरान व इजराइल में फंसे भारतीयों की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए. भारतीयों सुरक्षित वापसी की पहल करनी चाहिए. वहीं, इजराइल में कार्यरत रीवा के शैलेन्द्र ने वीडियो जारी कर वहां की स्थिति परिजनों को बताई है. इसमें बताया "इजराइल में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है और हर नागरिक को आपात स्थिति में क्या करना है, इसकी स्पष्ट गाइडलाइन है. वहां मकान बनाने के साथ ही बंकर बनाने का नियम है. इसके अलावा इजराइल में सुरक्षा व्यवस्था बहुत तगड़ी है. वहां का सुरक्षा तंत्र बहुत मजबूत है, अधिकांश मिसाइलें फेल हो रही हैं. लेकिन रह-रहकर लगातार धमाके भी हो रहे हैं."
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डेढ़ साल से इजराइल में है रीवा के शैलेंद्र
संजय मिश्रा का कहना है "हमें अपने भाई की चिंता तो है लेकिन जितने भी भारतीय वहां हैं, उनकी भी उतनी ही चिंता है. इजराइल में जो भी बिल्डिंग बनती हैं, उसके नीचे बंकर बनाए जाते हैं ताकि कोई ऐसे हालात बनते हैं तो बंकर में छुपा जा सके." संजय मिश्रा ने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से पहल करने की अपील की है. शैलेन्द्र का साल 2024 में इजराइल की प्रतिष्ठित बारइलान-यूनिवर्सिटी मे रिसर्चर के तौर पर चयन हुआ था. वह पिछले डेढ़ साल से वही रह रहे हैं.

