रीवा में 7 दिनों से घरों में कैद हैं लोग, गायत्री नगर में बाढ़ जैसे हालात, बीमारी फैलने का खतरा
रीवा की सड़कें बनी दरिया, कॉलोनियों में मदद की राह देख रहे लोग. एमरजेंसी में ट्यूब की नाव ही एक सहारा. रिपोर्ट राकेश सोनी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 10:43 PM IST
रीवा: करीब एक सप्ताह पहले हुई मूसलाधार बारिश के कारण नाले और नदियां समुंदर में तब्दील हो गये. जबकि शहर के कई वार्ड जलमग्न हो चुके थे. बारिश थमने के बाद कुछ वार्डों के हालात तो समान्य हो गए, लेकिन कुछ वार्डों की हालत अब भी बेहद खराब है. गायत्री नगर कॉलोनी में अब भी बाढ़ जैसे हालात हैं. कॉलोनी की सड़कों पर लबालब बाढ़ का पानी भरा हुआ. स्थानीय लोगों का संपर्क अन्य इलाकों से टूटा हुआ है. करीब 100 परिवार अपने-अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. एमरजेंसी में ट्यूब की नाव के सहारे घर से बाहर निकल रहे हैं.
ट्यूब की नाव बनी सहारा
गायत्री नगर कॉलोनी वासियों ने बताया कि वे तकरीबन एक सप्ताह से अपने घरों में कैद हैं. जल निकासी न होने के कारण कॉलोनी की सड़कें जलमग्न हैं. कॉलोनी में फंसे लोगों को अब काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. घरों में रोजमर्रा की वस्तु खत्म हो रही है. इसमें ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है. छात्र स्कूल जाने से वंचित हैं. सड़क पर तकरीबन तीन से चार फीट पानी अब भी भरा हुआ है.
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा, "जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी. लोगों की सहायता से कई इलाकों में मदद पहुंचाई गई है, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी जलभराव की स्थिति निर्मित है. उन इलाकों में भी राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है. बारिश होने पर जल जमाव होना स्वाभाविक है. मामले का जल्दी निराकरण कराया जाएगा और राहत भी पहुंचाई जाएगी."

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बीमारी फैलने का खतरा मंडराया
इलाके की एक महिला ने बताया कि पूरे इलाके में जलभराव की स्थिति निर्मित है. जिसके चलते बच्चे स्कूल और कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं. जलभराव की स्थिति में बीमारी फैलने का भी खतरा लगातार बना हुआ है. नगर निगम की टीम आती है लेकिन दूर से ही मुआयना करके वापस लौट जाती है.

कॉलोनी में मदद की राह देख रहे लोग
स्थानी लोगों का कहना है कि कॉलोनी में जलभराव के कारण ट्यूब की नाव के सहारे आना-जाना कर रहे हैं. किसी भी प्रकार की कोई मदद उपलब्ध नहीं हो रही हैं. परिवार के लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं. यही ट्यूब एक सहारा है जिसके जरिए मेडिकल स्टोर से दवाईयां लातें हैं.

