रीवा में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की बारात में झूमे भक्त, 551 किलो वजनी त्रिशूल शिवधाम में स्थापित
रीवा में महाशिवरात्रि पर सुंदर झांकियों के साथ निकली शिव बारात. मनकामेश्वर शिवधाम में स्थापित किया गया विशाल त्रिशूल. 40 साल से हो रहा आयोजन.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 15, 2026 at 8:51 PM IST
रीवा: महाशिवरात्रि पर रीवा में पिछले 40 सालों से अनवरत निभाई जा रही शिव बारात आयोजन की परंपरा एक बार फिर दोहराई गई. इस बार शिव बारात में 31 फीट ऊंचा और 551 किलो वजनी भगवान शिव के त्रिशूल ने शिव भक्तों को अपनी ओर आकर्षित किया.
शिव बारात आयोजन एवं जनकल्याण समिति की ओर से भव्य शिव बारात का आयोजन किया गया. चल समारोह में आदि शिव, आदि शक्ति, देवी काली और कई प्रसिद्ध शिवलिंग की झांकी निकाली गई. शिव बारात को नगर भ्रमण कराया गया इसके बाद पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर मनकामेश्वर शिवधाम में विशाल त्रिशूल को स्थापित किया गया.
सुंदर झांकियों के साथ निकली शिव बारात
शिव बारात शहर के बैजू धर्मशाला से शुरू हुई, जिसके बाद नगर भ्रमण के लिए पथ संचालन हुआ. जिसमें सुंदर झांकियों के साथ ढोल नगाड़े और गाजे- बाजे के साथ बारात निकली. वहीं भोलेनाथ के भक्त भूत-पिशाच की वेश भूषा धारण कर नाचते थिरकते बारात में शामिल हुए. शिव बारात में महाकाल की झांकी के साथ आदि शिव झांकी को भी शामिल किया गया. जिसमें नंदी महाराज भी शामिल हुए. नगर भ्रमण पर निकली शिव बारात का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया.

40 साल से हो रहा शिव बारात का आयोजन
रीवा में महाशविरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाली भव्य शिव बारात का आयोजन शिव बारात एवं जनकल्याण के द्वारा पिछले 40 वर्षो से लगातार कराया जा रहा है. शिव बारात का आयोजन शहर के बैजू धर्मशाला से किया जाता है और समापन पंचमठ आश्रम में किया जाता है. वर्ष 2023 में निकाली गई शिव बारात देश भर में चर्चित रही क्योंकि 1100 किलो वजनी कढ़ाई में 5100 किलो का महाभोग तैयार किया गया. जिसके बाद इस विशाल आयोजन ने एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया.

551 किलो वजनी त्रिशूल रहा आकर्षण का केंद्र
महाशिवरात्रि के मौके पर निकली शिव बारात में इस विशाल त्रिशूल को भी शामिल किया गया. इस विशाल त्रिशूल का वजन 551 किलो है, जबकि इसकी लंबाई 31 फीट है. इस विशाल त्रिशूल को कोठी कम्पाउंड में स्थित भगवान शिव के सैकड़ों वर्ष पुराने मनकामेश्वर शिवधाम में स्थापित किया गया.

साल 2024 में आयोजन समिति की ओर से विश्व का सबसे बड़ा नगाड़ा बनाकर अयोध्या राम मंदिर मे स्थापित किया गया. जिसके बाद एक बार एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे नाम दर्ज हुआ. अब एक बार फिर 2026 में आयोजित हुए आयोजन में भगवान शिव के अस्त्र विशाल त्रिशूल शिव भक्तों के बीच आकृषण का केंद्र रहा.

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'शिव की महिमा से होता है यह विशाल आयोजन'
शिव बारात आयोजन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि" रीवा में भव्य शिव बारात आयोजन का शुभारंभ करने का अवसर प्राप्त हुआ है. पिछले कई वर्षों से शिव बारात की लोकप्रियता और इससे लोगों का जुड़ाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस प्रकार के कार्यक्रमों में लोगों को बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए."
शिव बारात आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि "यह शिव की महिमा है कि प्रत्येक वर्ष भव्य शिव बारात का आयोजन बड़े ही धूम धाम के साथ आयोजित होता है. शिव बारात आयोजन का यह कार्य भगवान शिव को समर्पित है और रीवा के नागरिकों को समर्पित है.

