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गुजरात से रीवा पहुंची टीम ने 13 आरोपियों को पकड़ा, OTP और APK फाइल भेज उड़ा देते थे पैसे

रीवा पहुंची गुजरात पुलिस, संयुक्त कार्रवाई कर ऑनलाइन ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश, 13 संदिग्ध आरोपियों को किया गिरफ्तार.

REWA FRAUD GANG 13 ACCUSED ARRESTED
रीवा से ठग गिरोह के 13 आरोपी गिरफ्तार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 10:03 PM IST

3 Min Read
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रीवा: गुजरात पुलिस ने रीवा पुलिस की मदद से ठग गिरोह के 13 सदस्य को गिरफ्तार करने मे सफलता हासिल की है. पकड़े गए आरोपी मोबाइल में ओटीपी और एपीके फाइल भेज कर लोगों के बैंक खातों से लाखों रूपए की राशि उड़ा देते थे. गिरोह के सदस्यों ने गुजरात के सूरत जिले में रहने वाले एक सरकारी कर्मचारी को अपना शिकार बनाकर 7 लाख रूपए की ठगी की थी. शिकायत मिलने के बाद गुजरात पुलिस एक्टिव हुई और रीवा पहुंचकर कार्रवाई की.

7 लाख की ठगी की मिली थी शिकायत

दिसंबर 2025 में सूरत के एक शासकीय कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें उन्होंने बताया था कि ओटीपी और एपीके फाइल के माध्यम से 7 लाख रूपए की ठगी की गई. सूरत पुलिस ने शिकायत प्राप्त होते ही मामला दर्ज कर लिया. इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच शुरू की. इस दौरान टीम को ठग गिरोह के कुछ सदस्यों का रीवा में होने की जानकरी मिली, तो पुलिस रीवा पहुंची.

ऑनलाइन ठगी गिरोह का किया पर्दाफाश (ETV Bharat)

13 संदिग्ध आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार

ठग गिरोह का खुलासा करते हुए विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि "गुजरात के सूरत जिले से क्राइम ब्रांच की एक टीम रीवा आई थी. रीवा पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय पुलिस टीम की मदद से ठगी के मामले की जांच की गई.

जिसके बाद सयुंक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए, विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत शिल्पी उपवन कॉलोनी के एक फ्लैट से 13 संदिग्ध लोगो को गिरफ्तार किया है. पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है. वहीं, पकड़े गए आरोपियों के पास से काफी संख्या मे मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए गए हैं. जिनकी मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं."

ठिकाने बदल-बदल बदल करते थे ठगी

थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि "ठग गिरोह कहां के रहने वाले है, इसका पता लगाया जा रहा है. जानकारी प्राप्त हुई है कि ये सभी अपने ठिकाने बदल-बदलकर फ्रॉड की घटनाओं को तकनीकी रूप से अंजाम देते थे. फिलहाल ये रीवा की एक कॉलोनी में किराए पर मकान लेकर ठहरे हुए थे.

इसकी जानकारी मकान मालिक ने पुलिस को क्यों नहीं दी और इस तरह से उन्हें क्यों रहने दिया, इसकी भी जांच की जाएगी. गुजरात की पुलिस टीम गिरोह से पूछताछ करेंगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी." पुलिस के मुताबिक गिरोह की एक लंबी चेन हैं, इसकी भी जांच की जा रही है.

विदिशा में पहुंची पश्चिम बंगाल पुलिस

विदिशा में भी ठगी के मामले में साइबर फ्रॉड आरोपी को गिरफ्तार करने पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम पहुंची. जिसमें हितग्राही की रकम विदिशा के एक ऑनलाइन सेंटर से निकाली गई थी. मामला पश्चिम बंगाल के जिला बांकुरा जिले अंतर्गत सालतोड़ा थाने का है. जिसकी जांच में राशि का लेने-देन विदिशा में होना सामने आया.

कोतवाली थाना टीआई आनंद राज ने बताया कि "आरोपी वसीम खान ने ऑनलाइन सेंटर के माध्यम से हितग्राही की रकम निकाली थी. जब उससे दस्तावेजों की मांग की गई, तो संबंधित लेन-देन के उचित कागजात उपलब्ध नहीं कराए जा सके. इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड में लेकर पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल ले गई."