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रीवा के लाल ने 3 गोलियां खाकर लश्कर के आतंकी को किया था ढेर, राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से किया सम्मानित

मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले जवान ने बढ़ाया देश का मान, आतंकी कमांडर को ढेर कर दिया था अदम्य साहस का परिचय.

SANJAY TIWARI SHAURYA CHAKRA
नवंबर 2024 में जम्मू कश्मीर में दिखाया था अदम्य साहस (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 11, 2026 at 7:41 AM IST

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रीवा : विंध्य की माटी मे जन्मे रीवा के लाल संजय तिवारी को उनकी अद्भुत वीरता के लिए राष्ट्रपति ने सम्मानित किया है. उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया है. सीआरपीएफ जवान संजय ने तीन गोलियां लगने के बाद भी आतंकी संगठन लस्कर "लश्कर ए तैयबा" के एक आतंकी को अपनी सूजबूझ से मार गिरया था. वहीं, राष्ट्रपति से सम्मानित होने के बाद संजय तिवारी बुधवार को रीवा में अपने गृह नगर पहुंचे जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ.

नवंबर 2024 में जम्मू कश्मीर में दिखाया था अदम्य साहस

ईटीवी भारत से बातचीत में जवान संजय तिवारी ने बताया, '' घटना 2 नवंबर 2024 की है, देर रात लगभग 2.45 पर श्रीनगर के खानयार पुलिस थाना अंतर्गत ठग मोहल्ले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के खूंखार आतंकी के छुपे होने का इनपुट मिला था. सीनियर अफसरों के निर्देश पर हम 8 सदस्यीय टीम के साथ आतंकी को पकड़ने की योजना तैयार कर चुके थे, मौके पर पहुंचकर हमने बिना समय गंवाए उस घर को चारों ओर से घेर लिया था, तभी आतंकी ने हमला कर दिया.''

REWA CRPF SENA JAWAN SANJAY TIWARI
संजय के साथ इन्हें मिला शौर्य चक्र (Source- CRPF)

आतंकी ने दागी गोलियां, ग्रेनेड चलाया

संजय ने आगे बताया, लक्षित मकान के बाएं हिस्से में फायरबेस 3 पर स्वयं संजय तिवारी मुस्तैद हुए और अपनी पोजीशान ली. जैसे ही तलाशी शुरू हुई, आतंकी की ओर से अचानक गोलीबारी शुरू कर दी गई. इस दौरान संजय तिवारी ने निर्णायक रूप से कवर लिया और रणनीतिक रूप से जवाबी गोलीबारी की लेकिन इसी दरमियान घर के अंदर छुपे आतंकवादी द्वारा दो ग्रेनेड उनकी तरफ फेंके गए, जिसके फटने से पूरा क्षेत्र घने काले धुएं और मलबे से ढक गया.

संजय तिवारी बुधवार को रीवा में अपने गृह नगर पहुंचे (Etv Bharat)

3 गोलियां लगीं पर आतंकी को कर दिया ढेर

सीमित विजिबिलिटी होने के बावजूद, संजय तिवारी ने अपनी पोजीशान नहीं छोड़ी और खुद को मजबूत बनाए रखा. बैलिस्टिक शील्ड का उपयोग करते हुऐ उन्होंने खुद को सुरक्षित रखा लेकिन गोलीबारी के दौरान, शरीर मे तीन जगह बांए पैर के घुटने में और गर्दन के दाहिने तरफ व पेट के निचले हिस्से में गोली लग गई. इसके बावजूद उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और अपनी जान की परवाह किए बिना लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी को मार गिराया.

bravery awards india 2026
8 जून को राष्ट्रपति भवन में दिए गए वीरता पुरस्कार (Etv Bharat)

संजय ने जिसे मार गिराया वो था आतंकियों का कमांडर उस्मान

सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी और आतंकी के बीच हुई मुठभेड़ के बाद जब वह मारा गया तो उसकी पहचान पाकिस्तानी आतंकी उस्मान लाहौरी के रूप में की गई. एनकाउंटर के बाद तलाशी के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर के पास से AK 47 के साथ कई पिस्टल और कई जिन्दा हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुए थे. इधर गोलिबारी मे घायल हुए CRPF जवान संजय तिवारी को टीम के सदस्य तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे जहां 14 दिनों तक चले इलाज के बाद वे स्वस्थ हुए और फिर देश सेवा में जुट गए.

Rewa CRPF Jawan got Shaurya Chakra
राष्ट्रपति से सम्मानित होकर रीवा पहुंचे संजय तिवारी (Etv Bharat)

13 अन्य एनकाउंटर ऑपरेशन में शामिल रहे हैं संजय

CRPF जवान संजय तिवारी पहले भी इस तरह के कई ऑपरेशनों में शामिल हो चुके थे. वह सेना की ट्रेनिंग के बाद से अबतक लगभग 13 एनकाउंटर ऑपरेशन मे शामिल हो चुके हैं, जिसमे आंध्रप्रदेश के 6 नक्सलवादी क्षेत्र और 7 जम्मू कश्मीर के इलाके शामिल हैं.

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रीवा के सिरमौर तहसील स्थित डेल्ही गांव के निवासी हैं संजय

जवान संजय तिवारी ने बताया, '' मैं सिरमौर तहसील के डेल्ही गांव का कहने वाला हूं, मेरी प्राथमिक शिक्षा अनूपपुर जिले से पूरी हुई थी, जिसके बाद आगे की पढ़ाई रीवा से पूरी की थी. पिता संस्कृत लाल तिवारी पुलिस विभाग में अपनी सेवाऐं देकर ASI के पद से रिटायर्ड हुए थे. पढ़ाई के दौरान ही मेरे अंदर सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने की इच्छा जागने लगी थी, इसलिए पढ़ाई पूरी कर CRPF भर्ती में शामिल हुआ और पहली पोस्टिंग नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में मिली थी.''