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रीवा में UGC नए नियम के समर्थन में OBC, SC, ST का प्रदर्शन, कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

रीवा कलेक्ट्रेट के बाहर यूजीसी के नए नियम लागू करने को लेकर प्रदर्शन, कलेक्टर नहीं आई तो आवारा कुत्ते को सौंपा ज्ञापन.

Rewa Collectorate protest
यूजीसी के नए नियम लागू करने को लेकर प्रदर्शन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 16, 2026 at 10:34 PM IST

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रीवा: देशभर में यूजीसी के नए प्रावधान का जमकर विरोध हो रहा है. जनरल कैटेगरी वर्ग द्वारा जहां एक तरफ यूजीसी के नए नियम का कड़ा विरोध किया जा रहा है, तो रीवा में ओबीसी, एसटी, एससी सहित अन्य वर्गो द्वारा इसका खुलकर समर्थन किया जा रहा. सोमवार को यूजीसी के नए नियम के समर्थन में रीवा में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे.

प्रदर्शनकारियों ने कुत्ते को सौंपा अपना ज्ञापन

यूजीसी के पक्ष में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना था, "ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए हम सब कलेक्ट्रेट कार्यालय में एकत्रित हुए हैं. एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के साथ जिस प्रकार से जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है, उसे रोकने के लिए यूजीसी बिल लाया गया था.

Rewa OBC SC ST protest
प्रदर्शनकारियों ने कुत्ते को सौंपा ज्ञापन (ETV Bharat)

वहीं, कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर प्रर्दनकारी कार्यलय के बाहर सड़क पर बैठ गए. इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर को ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे. जब कलेक्टर प्रतिभा पाल मौके पर नहीं आ पाईं, तो प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आवारा कुत्ते के गले में ज्ञापन की माला पहनाकर कलेक्ट्रेट में छोड़ दिया.

3 घंटे रोड में बैठे रहे, आवारा कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

यूजीसी के समर्थन में कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे ओबीसी सभा कोर कमेटी के सदस्य दिनेश ने कहा, " हम सब पिछले 3 घंटे से रोड पर बैठे हैं. हमारे मूल निवासी समाज एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में यह आंदोलन किया जा रहा है. दुर्भाग्य है कि 80 प्रतिशत बहुसंख्यक समाज के आंदोलन का ज्ञापन लेने के लिए जिला कलेक्टर नहीं आ पा रही हैं, जिसके चलते हम शहर से एक आवारा कुत्ता ढूंढ कर लाए हैं और उसे ही ज्ञापन सौंपा है."

प्रदर्शन से 3 घंटे जाम रही सड़कें (ETV Bharat)

यूजीसी के नए नियम को बताया जरूरी

बसपा नेता अभिषेक पटेल ने कहा "बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते इस मुद्दों को सरकार एहमियत दे. एससी, एसटी और ओबीसी सहित अन्य वर्गो के साथ शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव होता है. उसके लिए यूजीसी बिल लाया गया था. पूर्व में कुछ ऐसे छात्र थे, जिन्हें जातिगत भेदभाव का शिकार होना पड़ा. हम नहीं चाहते कि हमारी आने वाली पीढ़ी जातिवाद का दंश झेले. इसलिए यूजीसी के नए नियम लागू होना जरूरी है."

'कई अधिकारी थे उपस्थित, उन्हें नहीं दिया ज्ञापन'

इस मामले पर तहसीलदार यतीश शुक्ला ने कहा, "यूजीसी के समर्थन में ओबीसी, एससी, एसटी समाज के लोग ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे. इस दौरान उनके द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया. जिला कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में व्यस्त थी. ज्ञापन प्राप्त करने के लिए मौके पर अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, और एडिशनल एसपी उपस्थित थीं,लेकिन उन्हें ज्ञापन नहीं सौंपा गया. प्रदर्शन के दौरान करीब 3 घंटे तक जाम की स्थिति भी निर्मित रही."